खास बातें
- भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2012-13 में 7.5 फीसद हो सकती है और अगले वित्त वर्ष के दौरान कई राज्यों में राजकोषीय स्थिति मजबूत होगी।
नई दिल्ली: भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2012-13 में 7.5 फीसद हो सकती है और अगले वित्त वर्ष के दौरान कई राज्यों में राजकोषीय स्थिति मजबूत होगी। यह बात गुरुवार को रेटिंग एजेंसी फिच ने कही। फिच रेटिंग्स ने अपनी ताजा रपट में कहा फिच को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2012-13 में भारत की अर्थव्यवस्था सुधर कर 7.5 फीसद पर आ जाएगी जो वित्त वर्ष 2011-12 में सात फीसद पर रहेगी .. भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर विकसित अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले ज्यादा होने की उम्मीद है। फिच के मुताबिक सरकारी और निजी कंपनियों के बांड बाजार में बाजार में विदेशी भागीदारी बढ़ाने के उपायों का सकारात्मक प्रभाव होने की उम्मीद है। एजेंसी ने इससे पहले मुद्रास्फीति के उच्च स्तर पर बने रहने, वैश्विक मंदी और उच्च घरेलू ब्याज दर के कारण 2011-12 के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर की संभावना 7.5 फीसद से घटाकर सात फीसद कर दी थी। वित्त वर्ष 2010-11 के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 8.5 फीसद थी। एजेंसी ने कहा था कि 2012-13 में वृद्धि दर में सुधार होगा और राज्यों में आर्थिक प्रदर्शन बेहतर होगा।