यह ख़बर 11 नवंबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी हो रही : आनंद शर्मा

खास बातें

  • वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि नुकसान पहुंचा कर बच निकलने की प्रवृति को इजाजत नहीं दी जा सकती क्योंकि निर्णय करने की प्रक्रिया धीमी पड़ गई है और इससे अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है।
मुंबई:

संभवत: सरकार पर भ्रष्टाचार के लगातार आरोप लगा रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं को आड़े हाथ लेते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने शनिवार को कहा कि नुकसान पहुंचा कर बच निकलने की प्रवृति को इजाजत नहीं दी जा सकती क्योंकि निर्णय करने की प्रक्रिया धीमी पड़ गई है और इससे अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है।

शर्मा ने कहा ‘‘हम ऐसी कोई स्थिति बनने नहीं दे सकते.. जहां नुकसान पहुंचा कर कोई बच निकले, जहां कोई भी व्यक्ति शासन प्रणाली पर सवाल उठाता हो, भारतीय लोकतंत्र की छवि तार-तार करता हो..।’’ वह इकोनॉमिक टाइम्स अवॉर्ड समारोह में यहां एचडीएफसी के अध्यक्ष दीपक पारेख के सवाल का जवाब दे रहे थे। शर्मा पारेख के उस सवाल का जवाब दे रहे थे जिसमें पारेख ने पूछा था कि घोटाले सामने आने से देश की नौकरशाही ठहर सी गई है, ऐसे में सरकार नौकरशाही में कैसे पुन: विश्वास बहाल करेगी।

गौरतलब है कि इंडिया अगेनस्ट करप्शन के कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल और प्रशांत भूषण ने राजनीतिक एवं व्यापारिक हस्तियों पर निशाना साधते हुए उन पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने और विदेशों में काला धन जमा रखने का आरोप लगाया है।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

शर्मा ने देश के मुश्किल घड़ी से गुजरने का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘निर्णय लेने की प्रक्रिया धीमी पड़ गई है। इसने देश को, अर्थव्यवस्था को, रोजगार सृजन को नुकसान पहुंचाया है।’’ उन्होंने कहा कि भारत कायदे कानून वाला देश है और यहां किसी तरह की गड़बड़ी की जांच करने की एक प्रक्रिया है।