खास बातें
- रवि ने लोकसभा को बताया कि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा का संचालन करने वाली कम्पनी डायल ने जनवरी 2011 तक विकास शुल्क के रूप में 1,199.54 करोड़ रुपये कमाए हैं।
नई दिल्ली: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री व्यालार रवि ने गुरुवार को लोकसभा को बताया कि इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा का संचालन करने वाली कम्पनी दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) ने जनवरी 2011 तक विकास शुल्क के रूप में 1,199.54 करोड़ रुपये कमाए हैं। सरकार ने डायल को विकास शुल्क के रूप में एक मार्च, 2009 से प्रति अंतरराष्ट्रीय यात्री 1,300 रुपये और प्रति घरेलू यात्री 200 रुपये लेने की मंजूरी दी है। यह शुल्क 36 महीनों तक लिया जाना है। इससे हासिल होने वाली राशि का उपयोग इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा के उन हिस्सों के विकास में किया जाएगा, जिसे लीज की अवधि समाप्त होने पर भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण के सुपुर्द कर दिया जाना है। डायल विभिन्न कम्पनियों का एक साझा उपक्रम है, जिसकी 54 फीसदी हिस्सेदारी के साथ अगुवाई जीएमआर समूह करता है। इसमें भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण की 26 फीसदी, तथा फ्रैपोर्ट एजी और इरमान मलेशिया की 10-10 फीसदी हिस्सेदारी है।