नई दिल्ली: टाटा ग्रुप के चेयरमैन के पद से साइरस मिस्त्री को अचानक हटाए जाने के अगले ही दिन कंपनी के शीर्षपदस्थ सूत्रों ने मंगलवार को आरोप लगाया है कि दरअसल साइरस मिस्त्री 'गड़बड़ियों के लिए रतन टाटा को ज़िम्मेदार ठहराना चाहते थे', और कंपनी की 'खास संपत्तियों को बेचने में जुटे हुए थे...'
रतन टाटा के करीबी सूत्रों ने बताया कि समय के साथ साइरस मिस्त्री के साथ गंभीर मतभेद पैदा हो गए, और यह समझ बनने लगी कि साइरस व्यक्तिगत रूप से रतन टाटा को निशाना बनाने की ताक में हैं.
चार साल पहले 'टाटा परिवार से बाहर के पहले चेयरमैन' के रूप में गद्दी पर बिठाए गए 48-वर्षीय साइरस मिस्त्री को बेहद नाटकीय ढंग से सोमवार को हुई बोर्ड बैठक में हटा दिया गया. रतन टाटा ने अगला चेयरमैन नियुक्त किए जाने तक के लिए अंतरिम चेयरमैन के रूप में कार्यभार संभाल लिया है.
बोर्ड के इस फैसले को साइरस मिस्त्री द्वारा कानूनी रूप से चुनौती दिए जाने की संभावना है, और माना जा रहा है कि इस फैसले के पीछे साइरस के औसत प्रदर्शन और उनके कुछ ऐसे फैसलों का हाथ है, जिनके ज़रिये, कंपनी का मानना है, वह रतन टाटा के फैसलों से हासिल फायदों को गंवाते जा रहे थे.
सूत्रों ने जापानी टेलीकम्युनिकेशन कंपनी एनटीटी डोकोमो से कानूनी लड़ाई में टाटा कंपनी को मिली हार को 'ऊंट की पीठ पर आखिरी तिनका' बताया. इस मामले में लंदन स्थित अंतरराष्ट्रीय अदालत ने जून में टाटा को आदेश दिया था कि वे डोकोमो को क्षतिपूर्ति के रूप में 1.17 अरब डॉलर का भुगतान करे, क्योंकि टाटा ने 'लक्ष्य पूरे नहीं होने' के आधार पर संयुक्त उपक्रम को खत्म कर दिया था.
सूत्रों ने NDTV से कहा, "शायद साइरस मिस्त्री डोकोमो मामले में रतन टाटा को ज़िम्मेदार ठहराना चाहते थे..."
सूत्रों के मुताबिक, टाटा इस बात को लेकर भी चिंतित थे कि साइरस मिस्त्री का इरादा 'ग्रुप की खास संपत्तियों को बेचने' का था. उन्होंने ग्रुप के कामकाज को चलाने के साइरस मिस्त्री के तरीके की भी आलोचना की. सूत्रों ने कहा कि इस मामले में टर्निंग प्वाइंट टाटा स्टील की यूके स्थित इकाई को बेचने का फैसला रहा, जिसके लिए रतन टाटा ने खुद सौदा किया था.
इसके अलावा ग्रुप द्वारा वर्ष 2008 में अधिग्रहीत किए गए ब्रिटिश कार ब्रांड जेएलआर - जगुआर लैंड रोवर में भी साइरस मिस्त्री कोई बड़ा निवेश लाने में नाकाम समझे जाते हैं. सूत्रों ने कहा कि रतन टाटा ने यूके में कंपनी की शानदार छवि बनाई थी, और जो कुछ भी उन्होंने (रतन टाटा ने) हासिल किया था, (साइरस) मिस्त्री वह सब गंवा रहे थे.
इसके अलावा शिकागो स्थित ग्रुप के होटल को बेच देने और न्यूयार्क के एक अन्य होटल को बेचने का इरादा बना लेना भी कंपनी को पसंद नहीं आया.