खास बातें
- सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से पूछा है कि बहु ब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति से पहले क्या उसने छोटे व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखा था। अदालत ने आश्चर्य व्यक्त किया कि कहीं यह निर्णय राजनीतिक मजाक तो नहीं है।
नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से पूछा है कि बहु ब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति से पहले क्या उसने छोटे व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखा था। अदालत ने आश्चर्य व्यक्त किया कि कहीं यह निर्णय राजनीतिक मजाक तो नहीं है।
न्यायमूर्ति आरएम लोढ़ा और न्यायमूर्ति एसजे मुखोपाध्याय की पीठ ने केंद्र सरकार से कहा, "आप एफडीआई को राजनीतिक मजाक के तौर पर लेकर आए हैं या इससे कोई लाभ भी है।"
अदालत उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें कहा गया था कि बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के आने से 35 करोड़ भारतीयों की आजीविका छिन जाएगी।