खास बातें
- वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि गठबंधन की राजनीति के दबाव के चलते भारत में कुछ आर्थिक सुधारों को लागू करने में देरी हो रही है।
वाशिंगटन: वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि गठबंधन की राजनीति के दबाव के चलते भारत में कुछ आर्थिक सुधारों को लागू करने में देरी हो रही है। उनकी यह टिप्पणी सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु की उस टिप्पणी के एक दिन बाद आई है, जिसमें कौशिक ने कहा था कि भारत में 2014 तक आर्थिक सुधारों की गति धीमी रह सकती है।
अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन स्थित पीटरसन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स में अपने संबोधन में मुखर्जी ने कहा है कि गठबंधन की राजनीति में कुछ दबाव होते हैं और इसके चलते हालिया समय में आर्थिक सुधारों की गति धीमी रही है, लेकिन हमने छोटी और मध्यम अवधि में विकास की बेहतर संभावनाओं के मद्देनजर कई कदम उठाए हैं।
वित्तमंत्री ने निवेशकों को भरोसा दिलाया है कि टैक्स कानून में बदलाव को लेकर वे किसी तरह की शंका में न रहें। उन्होंने कहा कि टैक्स कानून में हो रहे बदलावों से निवशकों को डरने की जरूरत नहीं है।
दरअसल इस साल बजट में एक प्रस्ताव रखा गया है, जिसके तहत टैक्स विभाग विदेशी कंपनियों के साथ हुए पुराने सौदों पर भी टैक्स वसूल सकता है। अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में वित्तमंत्री ने कहा कि इस प्रस्तावित कानून के तहत सिर्फ छह साल पुराने सौदों पर ही विभाग कार्रवाई कर सकेगा। छह साल से पुराने सौदे इस कानून के दायरे में नहीं आएंगे।