खास बातें
- बाजार पूंजीकरण में कोल इंडिया सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी कंपनी बन गई है, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज अभी भी देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है।
New Delhi: बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) के लिहाज से कोल इंडिया लिमिटेड ने तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) को पीछे छोड़ दिया है। बाजार पूंजीकरण के मामले में कोल इंडिया सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी कंपनी बन गई है, जबकि निजी क्षेत्र की रिलायंस इंडस्ट्रीज बाजार में अभी भी देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। बीते सप्ताह कोल इंडिया लिमिटेड का बाजार पूंजीकरण 14,022.32 करोड़ रुपये बढ़कर 2,45,232.68 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। आलोच्य सप्ताह में ओएनजीसी के बाजार पूंजीकरण में 7,657.15 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ और यह 2,42,120.08 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बाजार पूंजीकरण के मामले में ओएनजीसी तीसरे स्थान पर है। इस दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाजार पूंजीकरण में 8,151.22 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई और यह 3,09,778.88 करोड़ रुपये पर पहुंच गय। सप्ताह के दौरान देश की 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से पांच के बाजार पूंजीकरण में 35,237.57 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इसी प्रकार निजी क्षेत्र की आईटीसी और आईसीआईसीआई बैंक का बाजार पूंजीकरण भी क्रमश: 2,553.57 करोड़ और 2,853.31 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 1,46,327.31 करोड़ रुपये और 1,23,149.87 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। समीक्षाधीन सप्ताह में टीसीएस, इन्फोसिस टेक्नोलॉजीज, एसबीआई, भारती एयरटेल और एनटीपीसी के बाजार पूंजीकरण में गिरावट दर्ज की गई। मई के आखिरी सप्ताह में टीसीएस और इन्फोसिस टेक्नोलॉजीज के बाजार पूंजीकरण में कुल 10,434.54 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई। इस सप्ताह टीसीएस की बाजार पूंजीकरण घटकर 2,23,404.59 करोड़ रुपये और इन्फोसिस का 1,60,067.36 करोड़ रुपये पर आ गया। सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख भारतीय स्टेट बैंक का बाजार पूंजीकरण 5,559.33 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 1,41,888.52 करोड़ रुपये पर आ गया, जबकि बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी का पूंजीकरण 3,710.46 करोड़ घटकर 1,39,224.59 करोड़ रुपये रह गया। प्रमुख दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 550.64 करोड़ रुपये घटकर 1,41,362.68 करोड़ रुपये पर आ गया।