यह ख़बर 17 अगस्त, 2011 को प्रकाशित हुई थी

'चालू वित्तवर्ष में वृद्धि दर 8.1 फीसदी रहेगी'

खास बातें

  • सीएमआईई ने अपनी मासिक समीक्षा में कहा कि सभी प्रमुख क्षेत्रों में वृद्धि का अनुमान घटाया गया है। हर क्षेत्र के अनुमान को घटाने की वजहें अलग-अलग हैं।
मुंबई:

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) ने वित्तवर्ष 2011-12 के सकल घरेलू उत्पाद का अनुमान 8.6 फीसदी से घटाकर 8.1 फीसदी कर दिया है। सीएमआईई ने अपनी मासिक समीक्षा में कहा कि सभी प्रमुख क्षेत्रों में वृद्धि का अनुमान घटाया गया है। हर क्षेत्र के अनुमान को घटाने की वजहें अलग-अलग हैं। किसी भी क्षेत्र के अनुमान में बढ़ोतरी नहीं हुई है। वित्तवर्ष 2012 के दौरान कृषि क्षेत्र में 2.2 फीसदी की वृद्धि का अनुमान है। इससे पहले किए गए 3.2 फीसदी की वृद्धि के अनुमान से यह कम है। मुख्य तौर पर गुजरात और आंध्र प्रदेश में कम बारिश के कारण मूंगफली और कपास के कम उत्पादन की आशंका के कारण वृद्धि का अनुमान घटाया गया है। औद्योगिक क्षेत्र की वृद्धि दर का अनुमान 8.9 फीसदी से घटाकर 8.6 फीसदी किया गया है। बिजली, इस्पात, खाद्य तेल और कार के उत्पादन का अनुमान भी विभिन्न कारणों से घटाया गया है। सीएमआईई ने कहा कि कृषि और औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि में कमी से सेवा क्षेत्र की वृद्धि भी प्रभावित होगी। यह सरकार द्वारा जाहिर सबसे कम अनुमान है। यह प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) के अनुमान के बाद आया है। पीएमईएसी ने अपना अनुमान नौ फीसदी से घटाकर 8.2 फीसदी कर दिया। आरबीआई ने भी चालू वित्त वर्ष के लिए वृद्धि दर का अनुमान घटाकर आठ फीसदी कर दिया है।


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