यह ख़बर 15 नवंबर, 2013 को प्रकाशित हुई थी

चिदंबरम को चालू वित्त वर्ष में 5.5 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद

मुंबई:

चालू वित्त वर्ष में पांच से 5.5 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद जाहिर करते हुए वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने आज कहा कि आर्थिक हालात में सुधार के संकेत दिख रहे हैं और सरकार द्वारा की गई पहल से अर्थव्यवस्था को आठ प्रतिशत की वृद्धि दर प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

भारतीय बैंकों के संघ के प्रमुख समारोह ‘बैंकॉन 2013’ में बैंकों और अर्थशास्त्रियों को संबोधित करते हुए चिंदबरम ने बैंकों से कहा कि वे जान-बूझकर चूक करनेवालों से सख्ती से निपटें, लेकिन जो अर्थिक नरमी के असर से जूझ रहे हैं, उनकी मदद करें।

चिदंबरम ने बैंकों से कहा कि वे फैसला लेने से परहेज न करें और वायदा किया कि सही तरीके से सही मंच के जरिये लिए गए उनके निर्णयों के लिए सरकार उनका पूरा बचाव करेगी, भले ही बाद में वह निर्णय गलत हो गया हो। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति विशेषतौर पर खाद्य मुद्रास्फीति सरकार के लिए चुनौती बनी हुई है।

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अर्थव्यवस्था की स्थिति के संदर्भ में चिदंबरम ने कहा, अब हालात सुधारने के संकेत दिख रहे हैं। इसमें तेजी आएगी और अर्थवयवस्था गति पकड़ेगी। इस साल की दूसरी छमाही में सुधार होगा और यह बिल्कुल संभव है कि रिजर्व बैंक और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद या सरकार द्वारा अनुमानित 5 से 5.5 प्रतिशत के बीच की वृद्धि को प्राप्त कर लिया जाए। आर्थिक वृद्धि की दर 2012-13 में गिरकर पांच प्रतिशत रह गई। यह एक दशक की न्यूनतम दर है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान वृद्धि 4.4 प्रतिशत थी। दूसरी तिमाही की वृद्धि का आंकड़ा 29 नवंबर को आना है।