खास बातें
- ममता बनर्जी की मांग के आगे झुकने के बाद केन्द्र ने राज्य के पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए बुधवार को उसे 8,750 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज का तोहफा दिया।
नई दिल्ली: खुदरा क्षेत्र में एफडीआई पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मांग के आगे झुकने के बाद केन्द्र ने राज्य के पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए बुधवार को उसे 8,750 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज का तोहफा दिया। योजना आयोग के इस प्रस्ताव को आज शाम हुई केन्द्रीय कैबिनेट की बैठक में मंजूर कर लिया गया। यह पैकेज नक्सलवाद से प्रभावित पिछड़े इलाकों के लिये है जिसमें जंगलमहल शामिल है। जंगलमहल के इलाके में पश्चिम मिदनापुर, पुरुलिया और बांकुड़ा आते हैं। पैकेज के तहत ग्रामीण रोजगार, स्वच्छ पेयजल, वाटरशेड और ग्रामीण सड़क निर्माण जैसे पहलुओं को शामिल किए जाने की संभावना है। ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने धन की जरूरत का आकलन करने के लिए हाल ही में ऐसे इलाकों का दौरा किया था। रमेश ने बाद में कहा था कि माओवादी ताकतों से मुकाबला करने के लिए जंगलमहल में ग्रामीण विकास कार्यक्रमों का कैसे प्रभावी इस्तेमाल किया जाए, इस पर उन्होंने बनर्जी से चर्चा की। वास्तव में पश्चिम बंगाल के लिए पैकेज को उस दिन मंजूर किया गया जब केन्द्र सरकार ने बहु.ब्रांड खुदरा क्षेत्र में 51 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति के अपने निर्णय को निरस्त करने की घोषणा की है। केन्द्र में सत्तारूढ़ संप्रग की प्रमुख घटक दल तृणमूल कांग्रेस खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के निर्णय का विरोध करती रही है और इस पर रोक लगाने की मांग करती रही है। रिजर्व बैंक की राज्य वित्त रपट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल पर 1.9 लाख करोड़ रुपये का ऋण है जिससे राज्य वित्तीय दिक्कतों का सामना करता रहा है।