यह ख़बर 29 जनवरी, 2012 को प्रकाशित हुई थी

‘इंटरनेट पर नियंत्रण लगाना मूखर्तापूर्ण कदम होगा’

खास बातें

  • इंटरनेट पर नियंत्रण लगाने को लेकर जारी बहस के बीच विश्व आर्थिक मंच में प्रमुख कंपनियों के मुख्य कार्यकारियों ने अभिव्यिक्ति की आजादी की वकालत की।
दावोस:

इंटरनेट पर नियंत्रण लगाने को लेकर जारी बहस के बीच विश्व आर्थिक मंच में प्रमुख कंपनियों के मुख्य कार्यकारियों ने अभिव्यिक्ति की आजादी की वकालत की और कहा कि इस प्रकार का रोक लगाना मूखर्तापूर्ण कदम होगा।

फेसबुक की मुख्य परिचालन अधिकारी शेरिल सैंडबर्ग ने मुक्त और खुले इंटरनेट की जरूरत को रेखांकित किया और कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी में इंटरनेट और सोशल मीडिया बड़े मंच के रूप में उभरे हैं।

बहरहाल, उन्होंने यह भी कहा, ‘मुक्त और खुला इंटरनेट मंच होना चाहिए लेकिन इसका उपयोग करने वालों की निजता का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।’

इंटरनेट पर नियंत्रण को लेकर गर्मागर्म बहस में सोशल नेटवर्किंग कंपनियों के मुख्य कार्यकारियों ने ‘मक्खी के साथ दूध फेंकने’ की बजाय संतुलित नजरिया अख्तियार करने पर जोर दिया।

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इसी संदर्भ में रोजमर्रा की उपभोक्ता सामग्री बनाने वाली वैश्विक कंपनी यूनीलिवर के पालमैन ने कहा, ‘कोई सरकार यदि इन साइटों को प्रतिबंधित करती है तो यह उसके लिए मूर्खता होगी पर उन्होंने निजता के सवाल को सही बताया और कहा कि इंटरनेट के कारण निजता में घुसपैठ का खतरा पैदा जरूर हुआ है।’