यह ख़बर 11 सितंबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

दिग्गज सीमेंट कंपनियों का दबदबा घटा सकती है छोटी कंपनियां

खास बातें

  • घरेलू सीमेंट उत्पादन में 42 प्रतिशत योगदान करने वाली तीन दिग्गज कपंनियों का वर्चस्व अगले दो साल में घट सकता है।
New Delhi:

घरेलू सीमेंट उत्पादन में 42 प्रतिशत योगदान करने वाली तीन दिग्गज कपंनियों का वर्चस्व अगले दो साल में घट सकता है, क्योंकि स्थानीय मांग पूरी करने के लिए कई क्षेत्रीय कंपनियां आगे आ रही हैं। ब्रोकरेज कंपनी एंबिट कैपिटल ने कहा भारत की स्थापित सीमेंट कंपनियों की क्षमता सालाना 29 करोड़ टन की है। हालांकि इसमें मुख्यत: तीन कंपनियों- अल्ट्राटेक, होल्सिम और जेपी एसोसिएट्स का दबदबा है, जिनकी कुल क्षमता 12.2 करोड़ टन सालाना की है। एंबिट कैपिटल ने अपनी ताजा रपट में कहा कि छोटी कंपनियों द्वारा क्षमता विस्तार की गति बड़ी कंपनियों के मुकाबले अधिक रही है और उम्मीद है कि वित्तवर्ष 2014 तक अनुमानित छह करोड़ टन क्षमता विस्तार में से करीब 60 फीसदी योगदान छोटी कंपनियों का होगा। 20 से 30 लाख टन सालाना क्षमता वाली छोटी कंपनियां फिलहाल करीब 6.4 करोड़ टन सीमेंट का उत्पादन करती हैं। घरेलू उत्पादन में इनकी कुल हिस्सेदारी 23 फीसदी है। रपट में कहा गया कि सीमेंट के मांग केंद्रों में बढ़ोतरी विशेष तौर पर पूर्वी और मध्य भारत में हो रही बढ़ोतरी और उत्तरी भारत, जहां किसी भी अन्य क्षेत्र के मुकाबले मांग में ज्यादा तेज बढ़ोतरी हो रही है, के कारण इन क्षेत्रों में कमतर क्षमता वाली कंपनियों की संख्या बढ़ेगी (चाहे तो सीमेंट संयंत्र या ग्राइंडिंग इकाई के रूप में)।


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