खास बातें
- सीबीआई ने माइक्रोमैक्स मोबाइल कंपनी के दो मालिकों को एक बैंक्वेट हॉल के निर्माण की मंजूरी के लिए उत्तर दिल्ली नगर निगम के इंजीनियरों को कथित तौर पर 30 लाख रुपये की रिश्वत देते समय गिरफ्तार कर लिया।
नई दिल्ली: सीबीआई ने माइक्रोमैक्स मोबाइल कंपनी के दो मालिकों को एक बैंक्वेट हॉल के निर्माण की मंजूरी के लिए उत्तर दिल्ली नगर निगम के इंजीनियरों को कथित तौर पर 30 लाख रुपये की रिश्वत देते समय गिरफ्तार कर लिया।
माइक्रोमैक्स इंफोरमेटिक्स के मालिक राजेश अग्रवाल और मनीष तुली के अलावा सीबीआई ने नगर निगम के दो कनिष्ठ अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया और एमसीडी अधिकारियों के घर एवं कार्यालय परिसरों समेत 15 जगहों की तलाशी की।
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि उन्हें पूर्व में सूचना मिली थी कि अग्रवाल और तुली ने एमसीडी के अधिकारियों के साथ वजीरपुर में उनके बैंक्वेंट हॉल के निर्माण को मंजूरी देने के एवज में 50 लाख रुपये की रिश्वत लेने संबंधी सौदा किया है। बाद में रिश्वत की रकम घटाकर 30 लाख करने पर सहमति बनी।
अभियान के दौरान सीबीआई ने कथित तौर पर तुली और अग्रवाल को एमसीडी के कनिष्ठ अधिकारियों को 30 लाख रुपये देते पकड़े। अधिकारी यह पैसे अधीक्षकण अभियंता और कुछ कनिष्ठ अभियंताओं की ओर से ले रहे थे। यह सभी लोग कथित तौर पर इस साजिश में शामिल थे।