यह ख़बर 11 सितंबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

अप्रैल-अगस्त में कार निर्यात 22% बढ़ा

खास बातें

  • अप्रैल-अगस्त के दौरान कारों का निर्यात बढ़कर 2,17,409 इकाई पर पहुंच गया है, जो पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में 1,77,634 इकाइयों का था।
New Delhi:

घरेलू बाजार में बेशक कारों की बिक्री घट रही है, पर विदेशी बाजारों में भारतीय कारों की मांग लगातार बढ़ रही है। चालू वित्तवर्ष की अप्रैल से अगस्त की अवधि में देश से कारों का निर्यात 22.39 प्रतिशत बढ़ा है। वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से अगस्त के दौरान देश से कारों का निर्यात बढ़कर 2,17,409 इकाई पर पहुंच गया है, जो पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में 1,77,634 इकाइयों का था। कार निर्यात में बढ़ोतरी की मुख्य वजह निसान का बेहतर निर्यात आंकड़ा रहा है। वहीं फोर्ड इंडिया का निर्यात इस अवधि में लगभग तीन गुना बढ़ा। हैचबैक माइक्रा बेचने वाली निसान मोटर इंडिया ने इस अवधि के दौरान 42,540 कारों का निर्यात किया। पिछले साल इस अवधि तक कंपनी ने भारत से निर्यात शुरू नहीं किया था। वहीं इस अवधि में फोर्ड इंडिया का निर्यात काम्पैक्ट कार फिगो के बूते अप्रैल से अगस्त के दौरान तीन गुना होकर 10,118 इकाई पर पहुंच गया, जो पिछले वित्तवर्ष की इसी अवधि में 3,168 इकाई रहा था। देश की सबसे बड़ी कार निर्यातक हुंदै मोटर इंडिया का निर्यात इस अवधि में 1.77 प्रतिशत बढ़कर 1,07,572 इकाई रहा, जो एक साल पहले इसी अवधि में 1,05,699 इकाई रहा था। वहीं देश की प्रमुख कार कंपनी मारुति सुजुकी का निर्यात इस अवधि में 14.66 प्रतिशत घटकर 53,362 इकाई पर आ गया। पिछले साल की इसी अवधि में यह 62,530 इकाई रहा था। टाटा मोटर्स का निर्यात इस अवधि में 24.83 प्रतिशत घटकर 2,806 इकाई रह गया, जो पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में 3,733 इकाई रहा था। उद्योग विश्लेषकों का कहना है कि यूरोपीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार थमने के बावजूद भारत से कारों का निर्यात बढ़ा है। यूरोप भारत में बनी कारों का प्रमुख बाजार है। हालांकि कार कंपनियां नए बाजारों की लगातार तलाश कर रही हैं। उदाहरण के लिए फोर्ड ने दक्षिण अफ्रीका और नेपाल के बाद मैक्सिको के रूप में नया बाजार जोड़ा है। वहीं पिछले साल मारुति ने ऑस्ट्रेलिया, हांगकांग, ताइवान, ब्रुनेई और दक्षिण अफ्रीका के बाजारों में अवसर तलाशे थे। खास बात यह है कि जहां घरेलू बाजार में कार बिक्री में गिरावट का रुख है, वहीं निर्यात के मोर्चे पर बिक्री बढ़ रही है। चालू वित्तवर्ष की अप्रैल से अगस्त की अवधि में घरेलू यात्री कार बाजार में कारों की बिक्री 1.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 7,43,358 इकाई रह गई है, जो पिछले वित्तवर्ष की इसी अवधि में 7,52,856 इकाई रही थी।


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