खास बातें
- ट्राई ने कंपनियां को सेवा की गुणवत्ता के नियमों का पालन करने को कहा
- ट्राई ने इस संबंध में 17 अक्तूबर तक रपट जमा करने को कहा है
- पीओई के माध्यम से ही एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क जुड़ती है कॉल
नई दिल्ली: नई दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो और मौजूदा अन्य कंपनियों के बीच जारी पॉइंट ऑफ इंटरकनेक्ट (पीओआई) के विवाद में हस्तक्षेप करते हुए दूरसंचार नियामक (ट्राई) ने कहा कि मौजूदा कंपनियां सेवा की गुणवत्ता के नियमों का पालन करें. ट्राई ने इस संबंध में 17 अक्तूबर तक रपट जमा करने को कहा है.
ट्राई ने एक बयान में कहा, "पीओआई पर जाम की वजह से दो अलग-अलग नेटवर्कों पर कॉल जुड़ने में बड़े पैमाने पर असफलता देखने को मिली. यह ग्राहकों के हित को प्रभावितकरता है इसलिए उनके हितों की रक्षा के लिए प्राधिकरण (ट्राई) ने दिशानिर्देश जारी करने का निर्णय किया है." पिछले महीने अपनी सेवा की शुरुआत करने वाली कंपनी जियो ने इस
मुद्दे को ट्राई के समक्ष उठाया था. पीओई के माध्यम से ही एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क पर कॉल जोड़ना संभव हो पाता है.
जुलाई में मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या घटी
देश में मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या जुलाई में घटकर 103.42 करोड़ पर आ गई, जो जून के अंत तक 103.51 करोड़ थी. मुख्य रूप से रिलायंस और टाटा टेलीसर्विसेज जैसे आपरेटरों के ग्राहकों में कमी की वजह से मोबाइल कनेक्शनों की संख्या कम हुई है. ट्राई ने शुक्रवार को कहा कि जुलाई के अंत तक देश में कुल फोन ग्राहकों (वायरलेस और वायरलाइन) की संख्या 105.88 करोड़ थी, जो जून के 105.98 करोड़ के आंकड़े से कम है.
यह पहला मौका नहीं है जबकि देश में मासिक आधार पर फोन ग्राहकों की संख्या घटी हो. इससे पहले मई में मोबाइल ग्राहकों की संख्या 1.1 प्रतिशत घटी थी. कुल मोबाइल ग्राहकों की संख्या में 1.26 प्रतिशत की गिरावट आई थी.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)