खास बातें
- भारत के नियंत्रक-महा लेखा परीक्षक ने सभी सरकारी खर्च को सार्वजनिक लेखा जांच के दायरे में लाने के लिए सीएजी अधिदेश में संशोधन करने की जरूरत बताई।
शिमला: भारत के नियंत्रक-महा लेखा परीक्षक (सीएजी) विनोद राय ने रविवार को सभी सरकारी खर्च को सार्वजनिक लेखा जांच के दायरे में लाने के लिए सीएजी के मैंडेट (अधिदेश) में संशोधन करने की जरूरत बताई। उन्होंने उन संस्थानों के साथ संवाद पर काफी जोर दिया, जिसकी लेखा जांच की जा रही है। नेशनल एकेडमी ऑफ ऑडिट एंड एकाउंट में रविवार को समाप्त हुए दो दिवसीय सेमिनार में राय ने कहा कि सफल लेखा जांच और बेहतर कार्यप्रणाली के लिए संवाद अत्यधिक जरूरी है। शनिवार को सेमिनार के उद्घाटन भाषण में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने लेखापरीक्षकों को सरकारी कार्यक्रमों का कार्यान्वयन करने वाले अधिकारियों की सीमाओं के प्रति संवेदनशील होने का सुझाव दिया। केंद्र सरकार के सात सचिव, कुछ राज्यों के प्रधान वित्त सचिव और देश भर के सीएजी के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस सेमिनार में हिस्सा लिया।