यह ख़बर 05 फ़रवरी, 2012 को प्रकाशित हुई थी

बजट में बढ़ सकता है कर सेवाओं का दायरा

खास बातें

  • सरकार राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए बजट में सेवाकर क्षेत्र का दायरा बढ़ाकर इसमें और सेवाओं को शामिल कर सकती है। साथ ही वह सेवा कर की नकारात्मक सूची भी ला सकती है।
नई दिल्ली:

सरकार राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए आगामी आम बजट में सेवाकर क्षेत्र का दायरा बढ़ाकर इसमें और सेवाओं को शामिल कर सकती है। साथ ही वह सेवा कर की नकारात्मक सूची भी ला सकती है। सूत्रों ने बताया कि सरकार नकारात्मक सूची के तहत 22 सेवाओं को रख सकती है और शेष पर 10 प्रतिशत की दर से कर लगाया जा सकता है।

सूत्रों ने कहा कि इस उद्देश्य के लिए सेवाओं को सभी तरह की आर्थिक गतिविधियों के रूप में परिभाषित किया जाएगा। इसमें वस्तुएं, धन और अचल संपत्ति शामिल नहीं होंगी। मौजूदा समय में 119 सेवाओं पर कर लगाया जाता है। चालू वित्तवर्ष में सरकार को इस मद से 82,000 करोड़ रुपये जुटाए जाने की उम्मीद है। पिछले महीने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पर राज्यों के वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति ने सेवाओं की नकारात्मक सूची के आधार पर सेवा कर लगाने को मंजूरी दी थी।

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केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने दिसंबर में इस बारे में रपट का मसौदा दिया था। सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय अगले वित्तवर्ष से नकारात्मक सूची को लागू करने के लिए भरसक प्रयास कर रहा है, क्योंकि इससे सरकार को अधिक राजस्व मिलने की उम्मीद है। वित्तमंत्री के साथ बजट पूर्व बैठक में उद्योग ने भी सरकार से सेवा कर का दायरा बढ़ाने के लिए नकारात्मक सूची लाने की मांग की थी। वैश्विक स्तर पर नकारात्मक सूची का चलन है। भारत में इसे वस्तु एवं सेवा कर के हिस्से के रूप में लागू किए जाने का प्रस्ताव है।