नई दिल्ली: रोमिंग फ्री सेवा के साथ ही सस्ती डाटा सेवाओं के माध्यम से भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने प्रतिमाह ढाई लाख नए मोबाइल उपभोक्ताओं को नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाई है। योजना को अमली जामा पहनाने के लिए उत्तर प्रदेश में पूर्वी परिमंडल के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) एचआर शुक्ल ने सर्किल के सभी जिला दूरसंचार प्रबंधकों, महाप्रबंधकों को निर्देश जारी किए हैं। नेशनल रोमिंग फ्री सेवा लागू होने के बाद से मोबाइल उपभोक्ता बीएसएनएल नेटवर्क से तेजी से जुड़ रहे हैं।
यूपी ईस्ट सर्किल में 40 दिन में ही तीन लाख से अधिक मोबाइल उपभोक्ताओं ने बीएसएनएल का कनेक्शन लिया है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में निजी संचार कम्पनियों के उपभोक्ताओं ने भी बीएसएनएल नेटवर्क में 'पोर्ट इन' किया है।
बीएसएनएल प्रबंधन ने 15 जून से राष्ट्रीय स्तर पर रोमिंग फ्री सेवा शुरू की है। रोमिंग फ्री होने के बाद से बीएसएनएल उपभोक्ताओं को काफी बचत होगी। बीएसएनएल के ऑफर के बाद से निजी संचार कंपनियों पर भी रोमिंग फ्री सेवा देने का भारी दबाव है।
रोमिंग फ्री की घोषणा के बाद से निजी संचार कंपनियों के उपभोक्ता अब ग्राहक एमएनपी के जरिये बीएसएनएल की सेवा लेने के लिए आवेदन कर रहे हैं।
सीजीएम शुक्ल ने बताया कि सेवा शुरू होने के बाद महज 40 दिन में 4,000 से अधिक मोबाइल उपभोक्ताओं ने निजी संचार कंपनियों के नेटवर्क छोड़कर बीएसएनएल में पोर्ट कर लिया है। इसी तरह नए कनेक्शन लेने वाले ग्राहकों की संख्या में भी 300 प्रतिशत से अधिक का इजाफा हुआ है।
सभी जनपदों के महाप्रबंधकों, जिला दूरसंचार प्रबंधकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जनपद के ग्राहक सेवा केंद्र के प्रभारियों के साथ बैठक कर उन्हें अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को बीएसएनएल के नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रेरित करें।