मुंबई:
बंबई शेयर बाजार के सेंसेक्स ने मंगलवार को अंतिम एक घंटे में चले बिकवाली के सिलसिले से शुरुआती लाभ गंवा दिया और यह 30 अंक के नुकसान के साथ नौ हफ्ते के निचले स्तर पर बंद हुआ। लगातार पांचवें दिन सेंसेक्स में गिरावट का सिलसिला जारी रहा।
पूंजी के सतत प्रवाह व एशियाई विकास बैंक (एडीबी) द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर की चमकदार तस्वीर पेश किए जाने के बीच बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स एक समय 263 अंक चढ़कर 28,455.32 अंक के उच्चस्तर तक गया था।
हालांकि कारोबार के अंतिम घंटे में वाहन, बैंकिंग व आईटी शेयरों में बिकवाली से बाजार में गिरावट आई और अंत में यह 30.30 अंक या 0.11 फीसदी के नुकसान से 28,161.72 अंक पर बंद हुआ, जो इसका नौ सप्ताह का निचला स्तर है। कारोबार के दौरान एक समय यह 28,130.09 अंक के निचले स्तर तक गया। पांच सत्रों में सेंसेक्स 574.66 अंक का नुकसान दर्ज कर चुका है।
इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 7.95 अंक या 0.09 अंक के नुकसान से 8,542.95 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 8,535.85 से 8,627.75 अंक के दायरे में रहा। पांच सत्रों में निफ्टी में 180 अंक की गिरावट आई है। शेयर ब्रोकरों ने कहा कि मार्च महीने के डेरिवेटिव अनुबंधों के निपटान से पहले कारोबारी धारणा प्रभावित हुई।
सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा मोटर्स, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, हिंद यूनिलीवर व हीरो मोटोकार्प में नुकसान रहा। टाटा मोटर्स के निदेशक मंडल की बुधवार की बैठक से पहले आज कंपनी का शेयर 3.27 प्रतिशत टूट गया।