यह ख़बर 02 अप्रैल, 2012 को प्रकाशित हुई थी

ब्रिटेन ने मुखर्जी के समक्ष उठाया वोडाफोन कर मामला

खास बातें

  • ब्रिटेन के वित्त मंत्री जॉर्ज ऑसबोर्न ने सोमवार को केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के साथ एक मुलाकात में वोडाफोन का मामला उठाया।
नई दिल्ली:

ब्रिटेन के वित्त मंत्री जॉर्ज ऑसबोर्न ने सोमवार को केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के साथ एक मुलाकात में वोडाफोन का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि यदि भारत सरकार पहले के विदेशी सौदों पर कर लगाएगी, तो इसका भारत में होने वाले विदेशी निवेश पर बुरा असर होगा।

दोनों नेताओं ने यहां लगभग आधे घंटे की मुलाकात की। बैठक पांचवें मंत्रीस्तरीय भारत-ब्रिटेन आर्थिक और वित्तीय वार्ता से इतर मौके पर हुई।

मुखर्जी ने संवाददाताओं से कहा, "हमारी वार्ता काफी फलदायी तथा प्रभावी रही।"

ऑसबोर्न ने व्यापार के अनुकूल माहौल पर जोर दिया और कहा कि निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए कदम उठाया जाना चाहिए।

ऑसबोर्न ने कहा, "हम चाहते हैं कि निवेश अधिक हो, व्यापार अधिक हो, अधिक से अधिक भारतीय ब्रिटेन में व्यवसाय करें और अधिक से अधिक ब्रिटेन के लोग भारत में व्यवसाय करें।" उन्होंने कहा कि इस नीति पर चलने से भारत तथा ब्रिटेन में रोजगार बढ़ेगा और दोनों देशों की समृद्धि बढ़ेगी।

उल्लेखनीय है कि सात अन्य विदेशी संगठनों ने भी आग्रह किया है कि आयकर अधिनियम में प्रतिगामी प्रभाव वाला संशोधन नहीं किया जाए।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक वोडाफोन-हचिसन सौदे की तरह अन्य विदेशी सौदों से सरकार को 40 हजार करोड़ रुपये कर हासिल हो सकता है।

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सर्वोच्च न्यायालय ने बम्बई उच्च न्यायालय के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें 2007 में हचिसन-एस्सार को खरीदने के लिए विदेश में हुए सौदे के लिए वोडाफोन होल्डिंग को 11 हजार करोड़ रुपये देने के लिए कहा गया था।