यह ख़बर 12 अप्रैल, 2011 को प्रकाशित हुई थी

आपसी कर्ज के लेनदेन में चलेंगी 'अपनी' मुद्राएं

खास बातें

  • दुनिया के अग्रणी विकासशील देश ब्राजील, रूस, भारत, चीन और द. अफ्रीका बृहस्पतिवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं।
नई दिल्ली:

दुनिया के अग्रणी विकासशील देश ब्राजील, रूस, भारत, चीन और द. अफ्रीका (ब्रिक्स) बृहस्पतिवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं जिसमें इन देशों के बीच एक दूसरे को अमेरिकी डॉलर के बजाय अपनी ही मुद्रा में कर्ज अथवा अनुदान देने पर सहमति होगी। चीन के खूबसूरत पर्यटन शहर सान्या में होने जा रही इन देशों की शिखर बैठक में यह समझौता होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस बैठक में भाग लेंगे। ब्रिक्स देशों की इस शिखर बैठक में वैश्विक वित्तीय स्थिति, आर्थिक समस्याओं के निदान और उर्जा सुरक्षा के अलावा खाद्य सुरक्षा और आतंकवाद से खड़ी चुनौतियों सहित विभिन्न मुद्दों पर बातचीत होगी। बैठक में द. अफ्रीका इस समूह के पांचवे सदस्य के रुप में शामिल होगा। इसके साथ ही इसे दुनिया के तेजी से बढ़ते पांच विकासशील देशों के समूह ब्रिक्स के तौर पर जाना जाएगा। बैठक में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली में सुधार पर भी चर्चा होगी। प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने प्रधानमंत्री के साथ इस यात्रा पर जा रहे संवाददाताओं को यह जानकारी दी।


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