यह ख़बर 05 फ़रवरी, 2012 को प्रकाशित हुई थी

कर्मचारियों के मुकाबले बड़े अधिकारियों की कमाई बढ़ी है ज्यादा

खास बातें

  • कंपनियों द्वारा पेश वेतन के आंकड़े के मुताबिक भारत के 25 प्रमुख भारतीय कार्यकारियों का औसत वेतन 2010-11 में 33 करोड़ रुपये था।
नई दिल्ली:

देश की तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था से भले ही प्रति व्यक्ति औसत आय में हाल के वर्षों  में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई, लेकिन सच्चाई यह है कि कंपनियों के बड़े अधिकारियों और कार्यकारियों की कमाई में इससे कहीं ज्यादा वृद्धि हुई है। सरकारी और निजी क्षेत्र द्वारा पेश आय के आंकड़ों के विश्लेषण के मुताबिक वर्ष 2010-11 में देश की प्रति व्यक्ति आय 15.6 फीसदी बढ़ी है।

दूसरी तरफ 2010-11 के दौरान सूचीबद्ध कंपनियों के शीर्ष प्रबंधन और कार्यकारियों के वेतन में इससे पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग दोगुनी यानी 36 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी हुई। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि प्रति व्यक्ति आय और शीर्ष कार्यकारियों की वेतन वृद्धि की तुलना करना उचित नहीं है, इनमें कोई संबंध नहीं है। दोनों की तुलना करना उचित नहीं है। कुछ अन्य का मानना है कि शीर्ष प्रबंधन के बेतहाशा वेतन बढ़ने से देश की कुल प्रति व्यक्ति आय ही बढ़ी होगी।

पिछले हफ्ते के सरकारी आंकड़े के मुताबिक देश की प्रति व्यक्ति आय पहली बार 50,000 के स्तर को पार कर गई और 2010-11 में 53,331 रुपए वार्षिक हो गई। इधर, भारत में मुख्य कार्यकारी अधिकारियों या शीर्ष स्तर के प्रबंधन का वेतन एक से तीन करोड़ रुपये है, हालांकि उद्योग के प्रकार, आकार और अन्य विभिन्न मानकों के आधार पर वेतन के स्तर अलग-अलग होते हैं। सबसे अधिक वेतन पाने वाले शीर्ष कार्यकारियों का औसत वेतन बहुत अधिक है। कंपनियों द्वारा पेश वेतन के आंकड़े के मुताबिक भारत के 25 प्रमुख भारतीय कार्यकारियों का औसत वेतन 2010-11 में 33 करोड़ रुपये था।

वेतन के अलावा देश के इन सबसे अधिक अमीर लोगों के पास हजारों करोड़ रुपये की संपत्तियां होती हैं, जो उनके द्वारा प्रवर्तित कंपनियों के शेयरों तथा दूसरी पूंजी में लगे होते हैं। हैदराबाद स्थित इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) के अस्सिटेंट प्रोफेसर कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने कहा, ‘‘मुख्य कार्यकारियों को जो वेतन मिलता है, वह देश के प्रति व्यक्ति आय का बहुत थोड़ा हिस्सा है। सैद्धांतिक तौर पर भी मुख्य कार्यकारियों का वेतन और प्रति व्यक्ति आय दो अलग-अलग मुद्दे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘छोटी और मंझोली कंपनियों के मुकाबले विशेष तौर पर बड़ी कंपनियों के मुख्य कार्यकारियों को मिलने वाला वेतन बढ़ा है।’’ इधर, कार्यकारियों की नियुक्ति से जुड़ी कंपनी ग्लोबलहंट के निदेशक सुनील गोयल ने हालांकि कहा कि कार्यकारियों के बढ़ते वेतन से निश्चित तौर पर प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है और यह मुद्रास्फीति और महानगरों में उच्च जीवन स्तर जैसे कारकों से जुड़ा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे कार्यकारी वैश्विक स्तर पर मुकाबला कर रहे हैं और पिछले 10 साल में उनकी प्राप्तियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।’’

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वित्तवर्ष 2007-08 में प्रति व्यक्ति आय जहां 35,825 रुपये थी, वहीं 2010-11 तक इसमें करीब 50 फीसदी बढ़ोतरी हुई है और यह 50,000 रुपये वार्षिक से ऊपर पहुंच गई। बंबई शेयर बाजार में सूचीबद्ध बीएसई 500 कंपनियों के कुल वेतन पैकेज में पिछले तीन साल में 60 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है, जबकि इन शीर्ष 500 सूचीबद्ध कंपनियों के शीर्ष प्रबंधन के वेतन पैकेज में इस दौरान 70 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई।