यह ख़बर 16 मई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

पेट्रोल की बढ़ी कीमतों का असर, सेंसेक्स गिरा

खास बातें

  • पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के कारण बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 186 अंक गिरकर 18,345 अंक पर बंद हुआ।
मुंबई:

पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के कारण मुद्रास्फीति का दबाव बढने की आशंका तथा वैश्विक बाजारों में नरमी के संकेतों के बीच बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 186 अंक गिरकर 18,345 अंक पर बंद हुआ। मुद्रास्फीति बढ़ने तथा फलस्वरूप ब्याज दर में और वृद्धि हो सकती है और इसका असर कंपनियों के लाभ पर पड़ेगा। रिजर्व बैंक अभी हाल में अपनी वार्षिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते समय अपनी अल्पकालिक ब्याज दरों में आधा आधा प्रतिशत वृद्धि कर चुका है। कारोबारियों के मुताबिक निवेशक डीजल की कीमत में वृद्धि को लेकर भी आशंकित हैं। डीजल की कीमत में अगले कुछ दिनों में वृद्धि हो सकती है जिससे मुद्रास्फीतिक दबाव और बढ़ेगा। उनका कहना है कि अप्रैल महीने की सकल मुद्रास्फीति में हल्की गिरावट दर्ज की गई है लेकिन अभी भी यह सामान्य स्तर से अधिक है। खाद्य एवं विनिर्मित उत्पादों के भाव में नरमी से अप्रैल महीने में सकल मुद्रास्फीति 8.66 प्रतिशत रही। कारोबारियों का यह भी कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) कमजोर वैश्विक रुख के बीच बाजार से पैसा निकालना जारी रख सकते हैं। पिछले दो कारोबारी सत्रों में एफआईआई ने 4,583 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। 30 शेयरों वाला बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में गिरावट के साथ खुला और कारोबार के दौरान नकारात्मक दायरे में रहा। अंत में यह 186.25 अंक या 1.01 प्रतिशत गिरकर 18,345.03 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 45.75 अंक या 0.83 प्रतिशत गिरकर 5,499.00 अंक पर बंद हुआ। कुल 13 खंडवार सूचकांक में से 11 में गिरावट देखी गई। जमीन-जायदाद, धतु, बैंकिंग, एफएमसीजी तथा रिफाइनरी कंपनियों के शेयरों में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गई। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने शनिवार को पेट्रोल के दाम में 5 रुपये लीटर की वृद्धि की है। दिसंबर 2008 के बाद यह सर्वाधिक वृद्धि है।


Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com