यह ख़बर 27 सितंबर, 2013 को प्रकाशित हुई थी

बार्कलेज ने भारत की वृद्धि दर का अनुमान घटाकर किया 4.7 प्रतिशत

खास बातें

  • वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी ने कहा है कि 2014 में होने वाले आम चुनाव की अनिश्चितताओं के बीच देश की वृद्धि और राजकोषीय स्थिति पर दबाव रह सकता है।
नई दिल्ली:

बार्कलेज ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि का अनुमान घटाकर 4.7 प्रतिशत कर दिया है। वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी ने कहा है कि 2014 में होने वाले आम चुनाव की अनिश्चितताओं के बीच देश की वृद्धि और राजकोषीय स्थिति पर दबाव रह सकता है।

भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2012-13 में घटकर 5 प्रतिशत रह गई थी, जो एक दशक का न्यूनतम स्तर है। दशकभर के न्यूनतम स्तर पर आ गई थी। खनन एवं विनिर्माण उत्पादन में गिरावट के मद्देनजर अप्रैल से जून की तिमाही में वृद्धि दर घटकर 4.4 प्रतिशत पर आ गई, जो पिछले कई साल का न्यनूतम स्तर है।

बार्कलेज के मुताबिक, विनिर्माण व खनन के रुझान नरम है और उच्च ब्याज दर की संभावना भी औद्योगिक वृद्धि के आड़े आ रही है।

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इसके अलावा देश राजकोषीय दबाव में है और आगामी आम चुनाव (अप्रैल से मई 2014) के कारण अर्थव्यवस्था में संभावित अनिश्चितता का माहौल है और यह निवेश की प्रक्रिया फिर से शुरू करने के आड़े आ सकता है।