नई दिल्ली:
केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने मंगलवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को एक करोड़ रुपये से ज्यादा ऋण लेने वाले बकायेदारों पर नजर रखने के लिए कहा। ऐसे बकायेदारों के कारण बैंकों की अनुपयोगी संपत्ति (एनपीए) बढ़ती जा रही है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए चिदंबरम ने कहा बड़ा कर्ज लेने वालों की अदायगी में चूकने के बढ़ते जा रहे मामले चिंता का विषय है। वित्तमंत्री ने कहा, "यह चिंता की बात है कि बड़े ऋणी अदायगी नहीं कर रहे हैं।"
चिदंबरम ने कहा कि उन्होंने कर्ज प्रदाताओं को हर सार्वजनिक बैंक के प्रत्येक जोन में 30 एनपीए खातों पर गहराई से निगाह डालने के लिए कहा गया है।
संपत्ति की गिरती गुणवत्ता या एनपीए का बढ़ना भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में बड़ी चिंता का विषय है। भारतीय बैंकों का सकल एनपीए पिछले वर्ष के 3.4 प्रतिशत की तुलना में चालू वित्त वर्ष में 4.4 प्रतिशत पर पहुंचने का अनुमान है।