यह ख़बर 02 मई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

दरें बढ़ने की आशंका में सेंसेक्स 19,000 के नीचे

खास बातें

  • बिकवाली की मार सबसे अधिक बैंकिंग, उपभोक्ता टिकाऊ सामान बनाने वाली कंपनियों और रिफाइनरी शेयरों पर पड़ी।
मुंबई:

शेयर बाजार में लगातार छठे दिन गिरावट जारी रही। रिजर्व बैंक की मंगलावर को होने वाली वार्षिक मौद्रिक नीति की घोषणा में नीतिगत दरें बढ़ने की आशंका के बीच बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 138 अंक टूटकर 19,000 से नीचे आ गया। पिछले पांच सत्रों में 466 अंक टूटने वाला सेंसेक्स और 137.94 अंक गिरकर 18,998.02 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 48.20 अंक की गिरावट के साथ 5,701.30 अंक पर बंद हुआ। बिकवाली की मार सबसे अधिक बैंकिंग, उपभोक्ता टिकाऊ सामान बनाने वाली कंपनियों और रिफाइनरी शेयरों पर पड़ी। ब्रोकरों ने कहा कि निवेशक रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति को लेकर काफी सतर्कता बरत रहे हैं। उच्च मौद्रिक नीति और कच्चे तेल में तेजी के रुख को देखते हुए रिजर्व बैंक नीतिगत दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। मार्गन स्टैनले द्वारा एसबीआई की रेटिंग घटाए जाने के बाद बैंक का शेयर काफी टूट गया। मार्गन स्टैनले ने कहा कि उधारी दरों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी से बैंक का ब्याज मार्जिन घट सकता है। हालांकि, सेंसेक्स में दूसरी सबसे महत्वपूर्ण कंपनी इन्फोसिस टेक ने बाजार को और गिरने से बचा लिया। इसके अलावा, छह प्रमुख क्षेत्र के उद्योगों की वृद्धि दर में सुधार से भी बिकवाली पर कुछ हद तक लगाम लगा।


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