खास बातें
- गूगल इंडिया ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में उसको ब्लॉक करना उपयुक्त नहीं है।
नई दिल्ली: गूगल इंडिया ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में उसको ब्लॉक करना उपयुक्त नहीं है। कंपनी ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रित देश है न कि चीन जैसा निरंकुश देश।
आपत्तिजनक सामाग्रियों को लेकर गूगल इंडिया समेत 20 वेबसाइट पर आपराधिक मामला चल रहा है। इसी मामले में गूगल इंडिया ने यह बात कही।
गूगल इंडिया की तरफ से मामले में पेश अधिवक्ता एनके कौल ने न्यायाधीश सुरेश कैत के समक्ष कहा, ‘मामला बोलने तथा अभिव्यिक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा है। इसे दबाना संभव नहीं है क्योंकि लोकतांत्रिक देश भारत में अभिव्यिक्ति की स्वतंत्रता हमें चीन जैसी निरंकुश व्यवस्था से अलग करती है।’
पिछली सुनवाई के दौरान न्यायाधीश कैत ने गूगल इंडिया तथा सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक इंडिया को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर कंपनियां आपत्तिजनक सामग्रियों को रोकने या हटाने के लिए व्यवस्था नहीं करती हैं चीन की तरह वेबसाइट ब्लॉक की जा सकती है।
अदालत की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कौल ने इस मामले में मीडिया रिपोर्ट का जिक्र किया जिसमें अभिव्यिक्ति की स्वतंत्रता की बात कही गई है।
दलील शुरू करते हुए उन्होंने कहा कि इंटरनेट ‘ग्लोबल सिस्टम’ है जिसके करोड़ों की संख्या में उपयोग करने वाले हैं। इसमें कंपनियां, निजी व्यक्ति तथा सरकारी एवं अन्य विभाग शामिल हैं।