खास बातें
- नीति बनाने से जुड़े जो फैसले असंवैधानिक होंगे उन्हें खारिज करने का कोर्ट को पूरा अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एके गांगुली ने यह बात कही है।
नई दिल्ली: नीति बनाने से जुड़े जो फैसले असंवैधानिक होंगे उन्हें खारिज करने का कोर्ट को पूरा अधिकार है। 2-जी घोटाले में 122 लाइसेंस रद्द करने से जुड़ा अहम फैसला देने वाले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एके गांगुली ने यह बात कही है।
जस्टिस गांगुली लोकसभा के पूर्व स्पीकर सोमनाथ चटर्जी के उस बयान का जवाब दे रहे थे जिसमें चटर्जी ने कहा था कि कोर्ट ने अपने अधिकार से बाहर जाते हुए ये फैसला लिया है। उनकी दलील है कि कोर्ट जनहित की दलील देते हुए कार्यपालिका के फैसलों के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकता। जस्टिस गांगुली ने कहा कि न्यायिक समीक्षा संविधान की एक बुनियादी विशेषता है और इस अधिकार का इस्तेमाल करते हुए कोर्ट ऐसे सभी नीतिगत फैसलों को रद्द कर सकता है जो संविधान के मुताबिक ना लिए गए हों।