यह ख़बर 11 अप्रैल, 2013 को प्रकाशित हुई थी

स्पेक्ट्रम मामले में सुनील मित्तल, रूइया अदालत में पेश, अगली सुनवाई 16 को

खास बातें

  • भारती एयरटेल के प्रमुख सुनील मित्तल और एस्सार समूह के प्रवर्तक रवि रूइया को एनडीए सरकार के समय मोबाइल कंपनियों को दिए गए अतिरिक्त स्पेक्ट्रम संबंधी मामले में समन जारी किया गया था।
नई दिल्ली:

भारती एयरटेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सुनील मित्तल और एस्सार समूह के प्रवर्तक रवि रूइया 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में गुरुवार को दिल्ली की सुनवाई अदालत में पेश हुए।

अदालत ने इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 16 अप्रैल तय की है। मित्तल और रूइया को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के समय मोबाइल कंपनियों को दिए गए अतिरिक्त स्पेक्ट्रम संबंधी मामले में समन जारी किया गया था। मित्तल के वकील ने सीबीआई के न्यायाधीश ओपी सैनी के सामने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पेश किया, जिसमें मामले की सुनवाई 16 अप्रैल तक स्थगित रखने का निर्देश है।

इस मामले में सैनी की अदालत ने मित्तल और रूइया के साथ साथ पूर्व दूरसंचार सचिव श्यामल घोष को भी समन भेजा था। वह भी आज न्यायाधीश के सामने हाजिर हुए। मित्तल और रूइया द्वारा दायर अलग याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मद्देनजर विशेष सुनवाई अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 16 अप्रैल तय की।

विशेष अदालत ने 19 मार्च को मित्तल, रूइया को समन जारी किया था। इनके अलावा अदालत ने भारती सेल्युलर लिमिटेड, स्टर्लिंग सेल्यूलर लिमिटेड (अब वोडाफोन मोबाइल सर्विसेज लिमिटेड) और हचिसन मैक्स टेलीकाम प्राइवेट लिमिटेड (अब वाडाफोन इंडिया लिमिटेड) को भी समन जारी किया था। इनके साथ-साथ हचिसन के तत्कालीन प्रबंध निदेशक असीम घोष को भी समन जारी किया था।

हालांकि 21 दिसंबर, 2012 को इस मामले में दायर आरोप पत्र में जांच एजेंसी सीबीआई की ओर से मित्तल और रूइया को नामजद नहीं किया गया था। बावजूद इसके अदालत ने प्रथम दृष्टया उन्हें दोषी मानते हुए उन्हें समन जारी कर दिया। आज अदालत में तीनों कंपनियों का प्रतिनिधित्व उनके वकीलों ने किया।

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सीबीआई ने अपने आरोप पत्र में दूरसंचार विभाग द्वारा अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटित करने के मामले में तीन कंपनियों को आरोपी करार दिया था। आरोप है कि अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटन से सरकारी खजाने को 846 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। सुनवाई के दौरान आज अदालत को बताया गया कि कनाडा में रहने वाले प्रवासी भारतीय असीम घोष को समन तामील नहीं कराया जा सका है।