खास बातें
- मुखर्जी की अध्यक्षता वाले समूह ने घरेलू विमानन कम्पनियों को विमान ईंधन आयात करने के एक प्रस्ताव और एयर इंडिया के कर्ज सरल करने की एक योजना को मंजूरी दे दी।
नई दिल्ली: नकदी संकट से जूझ रही घरेलू विमानन कम्पनियों में जान फूंकने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय मंत्रियों के एक अधिकार प्राप्त समूह ने मंगलवार को घरेलू विमानन कम्पनियों को विमान ईंधन आयात करने के एक प्रस्ताव और एयर इंडिया के कर्ज सरल करने की एक योजना को मंजूरी दे दी। इस पर हालांकि मंत्रिमंडल की मुहर लगनी बाकी है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अजीत सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा, "मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह ने विमानन कम्पनियों को ईंधन आयात करने की अनुमति दे दी है। अंतिम मंजूरी मंत्रिमंडल से मिलेगी।"
विमान ईंधन पर राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले बिक्री करों तथा अन्य देनदारियों के कारण विमान ईंधन की ऊंची कीमतों का विमानन क्षेत्र पर काफी दबाव महसूस किया जा रहा था।
सरकार के इस कदम से विमानन कम्पनियों के संचालन खर्च में काफी कमी आएगी। अभी देश में विमानन कम्पनियों के कुल संचालन खर्च में से आधा सिर्फ ईंधन पर ही खर्च होता है।
विमान ईंधन की कीमत अभी कोलकाता में 71,155.22 रुपये प्रति किलोलीटर, चेन्नई में 67,702.21 रुपये प्रति किलोलीटर, मुम्बई में 63,864.31 रुपये प्रति किलोलीटर और नई दिल्ली में 62,907.82 रुपये प्रति किलोलीटर है।
उधर, क्वालालम्पुर में विमान ईंधन का औसत मूल्य लगभग 41 हजार रुपये प्रति किलोलीटर, सिंगापुर में 42 हजार रुपये प्रति किलोलीटर और दुबई में 43 हजार रुपये प्रति किलोलीटर है।
घरेलू विमानन कम्पनियों का मौजूदा कारोबारी साल की पहली छमाही में तीन हजार करोड़ रुपये के नुकसान होने का अनुमान है।
फैसले के बाद देश की तीन सूचीबद्ध विमानन कम्पनियों के शेयरों में तेज उछाल दर्ज किया गया।
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में विजय माल्या की कम्पनी किंगफिशर एयरलाइंस के शेयर 13.20 फीसदी तेजी के साथ 29.15 रुपये पर बंद हुए, जो कारोबार के दौरान 30.90 रुपये के ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे।
जेट एयरवेज के शेयर 14.48 फीसदी तेजी के साथ 341.20 रुपये पर बंद हुए, जिसने कारोबार के दौरान 351.90 रुपये का ऊपरी स्तर छुआ।
किफायती विमानन कम्पनी स्पाइस जेट के शेयर बीएसई में 10.98 फीसदी तेजी के साथ 27.30 रुपये पर बंद हुए। कम्पनी के शेयर ने कारोबारी सत्र में 29.40 रुपये का ऊपरी स्तर छुआ।
मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह ने राष्ट्रीय विमानन कम्पनी एयर इंडिया के कर्ज सरलीकरण योजना को भी मंजूरी दे दी। उन्होंने यह भी कहा कि इसे अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास भेजा जाएगा।
सिंह ने कहा कि कर्ज को सरल करने की योजना के तहत राष्ट्रीय विमानन कम्पनी 7,400 करोड़ रुपये का बांड जारी करेगी, जिसकी गारंटी सरकार लेगी।
विमान कम्पनी पर अभी कुल 43,777 करोड़ रुपये का कर्ज है।