यह ख़बर 04 जुलाई, 2012 को प्रकाशित हुई थी

एयर इंडिया पायलटों की हड़ताल खत्म

खास बातें

  • हड़ताली पायलटों ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को भरोसा दिलाया था कि वे 48 घंटे के भीतर हड़ताल खत्म करके काम पर लौट जाएंगे।
नई दिल्ली:

बीते 59 दिनों से चल रही एयर इंडिया के पायलटों की हड़ताल बुधवार को समाप्त हो गई।

हड़ताली पायलटों ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को भरोसा दिलाया था कि वे 48 घंटे के भीतर हड़ताल खत्म करके काम पर लौट जाएंगे।

हड़ताली पायलटों की समिति यूनियन इंडियन पायलट्स गिल्ड के सदस्य रोहित कपाही ने कहा, हमने आधिकारिक रूप से काम पर वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सबसे पहले हमें उच्च न्यायालय में हलफनामे दायर करके अदालत को बताना होगा कि हम काम पर वापस जाने के लिए तैयार हैं। ये हलफनामे कल तक जमा कर दिए जाएंगे।

इसके साथ ही पायलटों ने 24 जून से जारी अपनी भूख हड़ताल भी समाप्त कर दी।  मंगलवार को एयर इंडिया प्रबंधन ने अदालत को सूचित किया था कि वे पायलटों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने को तैयार हैं।

अदालत ने पायलटों और एयर इंडिया प्रबंधन को मुख्य श्रम आयुक्त एन.के. प्रसाद के सामने 6 जुलाई को 4:30 बजे पेश होने को कहा है। उनकी रिपोर्ट आने के बाद 9 जुलाई को अदालत में फिर से मामले की सुनवाई होगी।

कपाही ने उम्मीद जताई है कि मुख्य श्रम आयुक्त की मौजूदगी में प्रबंधन के साथ समझौता हो जाएगा। इससे पहले नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिह ने मंगलवार को कहा था कि हड़ताली पायलटों को काम पर वापस लौटने का निर्देश देकर उच्च न्यायालय ने इस मुद्दे पर सरकार के विचार का ही समर्थन किया है। सरकार पायलटों सहित एयर इंडिया के सभी कर्मचारियों के कल्याण के लिए कटिबद्ध है।

एयर इंडिया के एक पदाधिकारी के मुताबिक काम पर वापस आने से पहले पायलटों को फिटलेन टेस्ट से भी गुजरना होगा। भारतीय पायलट गिल्ड के पायलटों की यह हड़ताल आठ मई से चल रही थी। ये पायलट उनके सहकर्मियों और तत्कालीन इंडियन एयरलाइंस के पायलटों को बोइंग 787 ड्रीमलाइनर में प्रशिक्षण दिए जाने का विरोध कर रहे थे।

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इस हड़ताल के चलते एयर इंडिया के बोइंग 777 का पूरा बेड़ा जमीन पर आ गया था और कई महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय वायुमार्गो पर उसकी उड़ानें बंद हो गई थीं। हड़ताल से एयर इंडिया को अभी तक 620 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो चुका है।