यह ख़बर 30 अप्रैल, 2011 को प्रकाशित हुई थी

हड़ताल चौथे दिन भी जारी, उड़ानें बंद होने के कगार पर

खास बातें

  • सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया के पायलटों की हड़ताल लगातार चौथे दिन भी जारी रहने से कंपनी 20 से भी कम उड़ानें ही संचालित कर पाई।
नई दिल्ली/मुंबई:

सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया के पायलटों की हड़ताल लगातार चौथे दिन भी जारी रहने से कंपनी 20 से भी कम उड़ानें ही संचालित कर पाई और उसकी घरेलू उड़ानें पूरी तरह ठप होने के कगार पर पहुंच गई हैं। सरकारी क्षेत्र की इस विमान कंपनी को फंसे यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए किंगफिशर के दो विमान, पायलट सहित ठेके पर लेने पड़े। हड़ताली पायलटों ने कहा है कि उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने एयर इंडिया प्रबंधन और नागरिक विमानन मंत्रालय के साथ बातचीत नहीं करने के अड़ियल रवैये को लेकर खेद जताया। एयर इंडिया प्रबंधन ने फिलहाल कुछ वैकल्पिक रणनीतियों पर अमल कर सैकड़ों फंसे यात्रियों की परेशानी कम करते हुए दो विमान उनके चालक दल सहित ठेके पर लिए और यात्रियों को पटना, वाराणसी और मुंबई पहुंचाया। एयरलाइंस अधिकारियों ने बताया कि जरूरत के अनुसार पायलट उपलब्ध नहीं होने की वजह से एयर इंडिया की 165 में से 135 घरेलू उड़ानों का संचालन नहीं किया जा सका। एयर इंडिया से यात्रा टिकट लेने वाले ज्यादातर यात्रियों ने अपने टिकट रद्द करवा लिए और विमानन कंपनी की टिकट खिड़कियां अब सूनी हो गई, जबकि निजी क्षेत्र की विमान कंपनियों की खिड़कियों पर लंबी कतारें लगी हैं। एयर इंडिया प्रबंधन से पायलटों की बर्खास्तगी और कंपनी में तालाबंदी की धमकियां दिए जाने के बावजूद इंडियन कमर्शियल पायलट एसोसिएशन (आईसीपीए) महासचिव ऋषभ कपूर ने कहा कि जब तक उन्हें उनकी मांगों पर बातचीत के लिए नहीं बुलाया जाता उनका आंदोलन जारी रहेगा। संगठन के अध्यक्ष एएस भिंडर ने कहा, अभी तक बातचीत के लिए औपचारिक तौर पर उन्हें कोई न्योता नहीं मिला है।


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