नोटबंदी से बरकरार परेशानियों के चलते बैंक कर्मचारी भी अब अपने आप को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं (प्रतीकात्मक फोटो)
मुंबई: नोटबंदी से बरकरार परेशानियों के चलते बैंक कर्मचारी भी अब अपने आप को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं. महाराष्ट्र के मालेगाव में नगदी न मिलने पर जनता सहकारी बैंक के दस कर्मचारियों की गुस्साए उपभोक्ताओं ने 3 घंटे तक तालाबंदी में रखा. आखिरकार, इन कर्मचारियों की रिहाई के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा.
ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज असोसिएशन अर्थात AIBEA ने इस बात पर गहरी चिंता प्रकट की है. AIBEA स्वाधीनता के पहले स्थापित और मौजूदा स्थिति में बैंक कर्मचारियों का देश का सबसे बड़ा मजदूर संगठन है. इस संगठन के देशभर की बैंकों में साढ़े सात लाख सदस्य हैं.
संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कॉम्रेड विश्वास उटगी ने NDTV इंडिया से बात करते हुए कहा कि, मौजूदा हालात में समय पर नगदी न मिलने का गुस्साई जनता बैंक कर्मचारियों पर निकाल रही हैं. इस से हम चिंतित हैं क्योंकि 85 फीसदी बैंक कर्मचारी दूर दूर से बैंकों में रोजगार के लिए आते हैं. इन में 35 फीसदी महिलाएं हैं. उनकी सुरक्षा का बड़ा सवाल है.
उटगी ने नोटबंदी के फैसले का स्वागत करते हुए आरोप लगाया है कि इतने एहम फैसले को अमलीजामा पहनाने में RBI विफ़ल हुई है. पिछले शनिवार और रविवार, 12 - 13 नवम्बर को देश के सभी बैंक कर्मचारियों ने अपनी छुट्टी छोड़कर काम किया लेकिन RBI के लोग उस दिन छुट्टी मन रहे थे. आज RBI बैंकों को पर्याप्त मात्रा में कॅश उप्लब्ध नहीं करा पा रही है.