खास बातें
- एडीबी का अनुमान है कि 2011 में एशिया की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं- चीन और भारत की आर्थिक वृद्धि दर क्रमश: 9.6% और 8.2% रहेगी।
हांगकांग / बीजिंग: एशियाई विकास बैंक (एडीबी) का अनुमान है कि वर्ष 2011 में एशिया की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं चीन और भारत की आर्थिक वृद्धि दर क्रमश: 9.6 प्रतिशत और 8.2 प्रतिशत रहेगी। बैंक की एशियाई विकास परिदृश्य रिपोर्ट, 2011 के अनुसार चीन में मुद्रास्फीति का इस वर्ष उसकी आर्थिक वृद्धि दर पर असर पड़ेगा। सरकार ने महंगाई दर को काबू में रखने के लिए ब्याज दर महंगा करने की नीति अपनानी शुरू की है। चीन की आर्थिक वृद्धि 2010 में 10.3 प्रतिशत थी। रपट के अनुसार 2012 में एशिया की नंबर एक और विश्व में अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर आ गई चीन की अर्थव्यवस्था का 9.2 प्रतिशत से विस्तार होगा। रपट में कहा गया है कि चीन में मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ रहा है और ब्याज दर नीति कड़ी होने लगी है। इससे देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर इस वर्ष घटने का अनुमान है। चीन में 2010 में मुद्रास्फीति 3.3 प्रतिशत थी। इस वर्ष इसके 4.6 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। 2012 में महंगाई का दबाव कम होने और मुद्रास्फीति के 4.2 प्रतिशत तक रहने का अनुमान है। रपट में भारत के बारे में अनुमान लगाया है कि 2011 और 2012 में देश की आर्थिक वृद्धि क्रमश: 8.2 प्रतिशत और 8.8 प्रतिशत रहेगी। उल्लेखनीय है कि भारत में विभिन्न एजेंसियों ने चालू वित्तवर्ष 2011-12 में आर्थिक वृद्धि 9 प्रतिशत के आसपास रहने की उम्मीद जताई गई है। वर्ष 2010-11 में भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) इससे पिछले वित्तवर्ष की तुलना में 8.6 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है।