खास बातें
- अधिकारियों का कहना है कि विभाग ने इन मामलों से सम्बद्ध कई कंपनियों द्वारा अघोषित धन के विभिन्न रास्तों से लेन देन के मामले पकड़े हैं।
New Delhi: आयकर विभाग ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घपले में कथित कर चोरी के पहलू पर अपनी पहली रपट बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय में पेश करेगा। अधिकारियों का कहना है कि विभाग ने इन मामलों से सम्बद्ध कई कंपनियों द्वारा अघोषित धन के विभिन्न रास्तों से लेन-देन के मामले पकड़े हैं। विभाग ने सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय के आरोप पत्रों में दर्ज अभियुक्तों की कंपनियों की कथित कर चोरी के मामले पकड़े हैं। अधिकारियों ने कहा कि कारपोरेट लाबिस्ट नीरा राडिया की भूमिका का ज्रिक भी इस रपट में होगा। आयकर विभाग के एक अधिकारी ने कहा, 'अनेक बेनामी फर्मों को धन मिला और इसकी मल्टीपल राउटिंग हुई। इस रपट को सीलबंद कवर में उच्चतम न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। यह रपट इन फर्में के धन स्रोतों, बैंकिंग रिकार्ड, खातों की जांच तथा उनसे जुड़ी सूचनाओं के आधार पर तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग ने इस बारे में मुख्यत: अपनी आसूचना सग्रहण उपकरणों पर जोर दिया जिनमें व्यक्तिगत तथा कंपनी करदाताओं का रिकार्ड रखा जाता है। विभाग ने दूरसंचार लाइसेंस आवंटन से जुड़े मामलों में में आयकर कानून के तहत न तो पूर्ण जांच की है और न ही अपने स्तर पर स्वतंत्र तलाशी वगैरह ली है। सूत्रों ने कहा कि आयकर विभाग की जांच कुछ कंपनियों के खिलाफ रिश्वत देने तथा ज्ञात स्रोतों से अधिक धन रखने पर केंद्रित रही है। विभाग ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन की पूरी प्रक्रिया में कर चोरी के कोण पर ध्यान दिया। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड में इस बारे में एक विशेष प्रकोष्ठ बनाया गया था। आयकर विभाग ने 2008-09 में कारपोरेट लाबिस्ट नीरा राडिया की फोन लाइनें टेप की थी।