खास बातें
- सरकार ने 2जी लाइसेंसधारकों पर यह जुर्माना तब लगाया जब उन्होंने यह कहा कि लाइसेंस निरस्त किया जाना जनहित में नहीं होगा।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय में कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम से जुड़ी सेवाएं देने का काम शुरू करने के लिए जरूरी नियमों का पालन नहीं करने वाले 103 लाइसेंसधारकों पर उसने 290 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। सरकार ने 2जी लाइसेंसधारकों पर यह जुर्माना तब लगाया जब उन्होंने यह कहा कि लाइसेंस निरस्त किया जाना जनहित में नहीं होगा। 2जी घोटाले से जुड़े मामले में एक हलफनामे में सरकार ने कहा कि 85 अयोग्य कंपनियों को उनके लाइसेंस निरस्त करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। ये लाइसेंस पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा के कार्यकाल में जारी किए गए थे। हलफनामे में कंपनियों की ओर से अपने बचाव में दिए गए तर्क के बारे में भी कहा गया जिन्होंने सेवाएं देने का काम शुरू करने के लिए जरूरी नियमों का पालन करने में नाकाम रहने पर लाइसेंस निरस्त किए जाने का विरोध किया था। हलफनामे में कहा गया है कि लाइसेंसधारकों का अपने बचाव में दिया गया तर्क यह है कि पूरी दुनिया के अनुभव से पता चलता है कि सेवा की शुरुआत में देरी हो सकती है। इसकी वजह से जुर्माना लगाया जा सकता है लेकिन इससे लाइसेंस निरस्त नहीं किए जा सकते।