यह ख़बर 03 फ़रवरी, 2012 को प्रकाशित हुई थी

लाइसेंस रद्द होने के खिलाफ अर्जी देंगे टेलीकॉम ऑपरेटर्स

खास बातें

  • सुप्रीम कोर्ट से 122 टेलीकॉम लाइसेंस रद्द होने के बाद नए टेलीकॉम ऑपरेटर सकते में हैं। उन्होंने संकेत दिया है कि वह सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पेटिशन दाखिल कर सकते हैं।
नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट से 122 टेलीकॉम लाइसेंस रद्द होने के बाद नए टेलीकॉम ऑपरेटर सकते में हैं। उन्होंने संकेत दिया है कि वह सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पेटिशन दाखिल कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 2008 में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के समय बांटे गए 122 लाइसेंस कल रद्द कर दिए थे।

टेलीकॉम कंपनियों ने कोर्ट के इस फैसले पर हैरानी जताई। लाइसेंस मिलने के बाद से इन कंपनियों ने देशभर में अपनी सेवाएं मुहैया कराने के लिए भारी निवेश किया है। लाइसेंस पाने वाली कंपनियों में से एक यूनिनॉर ने कहा है कि उसे उस गलती की सजा मिली है जो न्यायालय को सरकारी प्रक्रिया में मिली है। वहीं आइडिया सेल्यूलर ने कहा है कि कंपनी सिर्फ इसलिए इस मामले में फंस गई कि उसे जनवरी 2008 में लाइसेंस मिला जबकि उसने 18 महीने पहले अप्लाई किया था। अनुमान है कि इन लाइसेंसों के रद्द होने से करीब 500 मेगाहट्र्ज का 2−जी स्पेक्ट्रम खाली होगा जिसकी नीलामी सरकार कर सकती है।

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