खास बातें
- एयर इंडिया प्रबंधन द्वारा 25 और पायलटों को बर्खास्त करने व इंडियन पायलट्स गिल्ड (आईपीजी) के बर्खास्त 11 पदाधिकारियों के लाइसेंस रद्द करने की डीजीसीए से सिफारिश करने के साथ सार्वजनिक क्षेत्र की इस विमानन कंपनी में संकट और गहरा गया।
नई दिल्ली/मुंबई: एयर इंडिया प्रबंधन द्वारा 25 और पायलटों को बर्खास्त करने व इंडियन पायलट्स गिल्ड (आईपीजी) के बर्खास्त 11 पदाधिकारियों के लाइसेंस रद्द करने की डीजीसीए से सिफारिश करने के साथ सार्वजनिक क्षेत्र की इस विमानन कंपनी में संकट और गहरा गया।
दो सौ से अधिक हड़ताली पायलटों के काम पर लौटने से मना करने के बाद कंपनी प्रबंधन ने यह कदम उठाया है।
आईपीजी के प्रवक्ता तौसीफ मुकद्दम ने बताया, ‘एयर इंडिया मुद्दे को सुलझाने के बजाय इसे उलझा रही है।’ उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पायलटों ने सौहार्दपूर्ण हल निकालने के लिए नागर विमानन मंत्री अजित सिंह से मुलाकात का समय मांगा है।
एक बयान में एयर इंडिया ने कहा कि उसने ‘स्थिति की गंभीरता को देखते हुए’ 25 हड़ताली पायलटों को बर्खास्त कर दिया है।
इसके साथ मंगलवार को आंदोलन की शुरुआत से अबतक बर्खास्त किए गए पायलटों की कुल संख्या 71 पहुंच गई है।
एयर इंडिया ने नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को पत्र लिखकर आईपीजी के बर्खास्त किए गए 11 पदाधिकारियों के लाइसेंस रद्द करने को कहा है।