खास बातें
- 2 जी घोटाले में दूरसंचार कंपनियों के पांच प्रमुख अधिकारी दिल्ली की अदालत में पेश हुए और उन्होंने अपनी जमानत के लिए आवेदन किया।
New Delhi: दूरसंचार कंपनियों के पांच प्रमुख अधिकारी दिल्ली की एक अदालत में पेश हुए और उन्होंने अपनी जमानत के लिए आवेदन किया। अदालत ने सीबीआई से इस बारे में जवाब मांगा है। इन पांचों के नाम 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में दायर आरोपपत्र में है। सीबीआई के विशेष न्यायधीश ओपी सैनी ने कहा, सीबीआई को अपना जवाब देने के लिए समय दिया गया है। इस मामले में बहस 15 अप्रैल को शुरू होगी। स्वान टेलीकॉम के निदेशक विनोद गोयनका, यूनिटेक वायरलेस (तमिलनाडु) के संजय चंद्रा और अनिल धीरूभाई अंबानी समूह के तीन अधिकारी-गौतम दोषी, सुरेंद्र पिपारा और हरि नायर पहली बार विशेष अदालत के समक्ष पेश हुए। इन अधिकारियों ने अदालत से उन्हें जमानत देने की अपील करते हुए कहा कि जांच के दौरान उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है, इस आधार पर उन्हें जमानत मिलनी चाहिए। विनोद गोयनका के वकील मुकुल रोहगती ने कहा कि आरोपी जमानत के हकदार हैं। अन्य उद्योगपतियों के वकीलों ने भी यही तर्क दिया। विशेष सरकारी वकील यूयू ललित ने जमानत आवेदनों का विरोध करते हुए कहा कि आरोपियों को सिर्फ इस आधार पर जमानत नहीं मिल सकती कि वे अदालत में पेश हुए हैं। उन्हें अपनी जमानत याचिकाओं का आधार बताना होगा। ललित की नियुक्ति उच्चतम न्यायालय ने की है। ललित ने कहा कि आरोप पत्र दाखिल होने के बाद संदिग्ध अब आरोपी बन गए हैं। अब यह मामला उनके और अदालत के बीच है। आरोपियों को जमानत पर अपनी रिहाई के लिए उचित आधार बताना होगा।