यह ख़बर 14 जून, 2012 को प्रकाशित हुई थी

ऋण प्रतिभूतियों से 2.54 लाख करोड़ रुपये जुटाए भारतीय उद्योग ने

खास बातें

  • भारतीय कंपनियों ने ऋण प्रतिभूतियों या बांडों के निजी नियोजन के जरिए पिछले वित्त वर्ष में 2.54 लाख करोड़ रुपये जुटाए।
नई दिल्ली:

भारतीय कंपनियों ने ऋण प्रतिभूतियों या बांडों के निजी नियोजन के जरिए पिछले वित्त वर्ष में 2.54 लाख करोड़ रुपये जुटाए। यह राशि बीते नौ साल में सबसे अधिक है।
 
प्राइम डेटाबेस की एक रपट में यह निष्कर्ष निकाला गया है। इसके अनुसार, वित्तवर्ष 2011-12 में कारपोरेट बांड के निजी नियोजन आधार पर जारी कर 2,51,437 करोड़ रुपये जुटाए गए। जबकि पूर्व वर्ष में यह राशि 1,92,225 करोड़ रुपये रही थी। आलोच्य वित्त वर्ष में इस मद से जुटाई गई राशि 2010-11 की तुलना में 31 प्रतिशत अधिक है।
 
रपट में कहा गया है कि उक्त राशि कुल मिलाकर 164 संस्थानों व कारपोरेट ने जुटाई। ऋण निजी नियोजन में कंपनियां धन जुटाने के लिए संस्थागत निवेशकों को ऋण प्रतिभूतियां या बांड जारी करती हैं।
 
वित्त वर्ष 2002-03 में भारतीय कंपनियों ने ऋण पत्रों के निजी नियोजन से 48,424 करोड़ रुपये जुटाए थे लेकिन 2008-09 व 2010-11 में यह राशि क्रमश: 1,74,327 करोड़ रुपये तथा 1,89,490 करोड़ रही।

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