खास बातें
- प्रशासन में सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए योजना आयोग ने 12वीं पंचवर्षीय योजना दस्तावेज के प्रारूप को मंजूरी दी।
नई दिल्ली: शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास तथा जनोन्मुखी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासन में सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए योजना आयोग ने 12वीं पंचवर्षीय योजना दस्तावेज के प्रारूप को मंजूरी दी। इस दस्तावेज में 2012.17 की योजना में वार्षिक 9 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद की गई है पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कठिन निर्णय करने होंगे। प्रधानमंत्री सिंह की अध्यक्षता में यहां प्रधानमंत्री निवास पर योजना आयोग की पूर्ण बैठक में दस्तावेज के मसौदे को अंतिम रूप दिया गया। इसमें वैश्विक अर्थव्यवस्था में जारी अनिश्चित्ता और घरेलू मोर्चे पर मौजूद चुनौतियों के बावजूद नौ प्रतिशत आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने बैठक के बाद कहा कि 12वीं योजना के लिए औसतन नौ प्रतिशत वार्षिक आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है पर वैश्विक परिस्थितियों में सुधार आता है तो आर्थिक वृद्धि लक्ष्य 9.2 प्रतिशत तक भी बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वृद्धि के लक्ष्यों को हासिल करने में सफलता में कृषि क्षेत्र की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। कृषि क्षेत्र में पैदावार बढ़ने से मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और दीर्घकाल में मुद्रास्फीति को निम्न स्तर पर स्थिर किया जा सकेगा। अहलूवालिया ने कहा कि आयोग के अनुमान के मुताबिक 12वीं योजना में वर्तमान मूल्यों और कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन बेहतर रहने पर औसत मुद्रास्फीति दर पांच प्रतिशत के दायरे में रहेगी।