कंपनियों में बढ़ रहा है 'स्पीड हायरिंग' का चलन, 12 मिनट में नियुक्ति का फैसला

कंपनियों में बढ़ रहा है 'स्पीड हायरिंग' का चलन, 12 मिनट में नियुक्ति का फैसला

नई दिल्ली:

तेजी से नियुक्ति यानी 'स्पीड हायरिंग' की धारणा के साथ रोजगार का रास्ता अब तीव्र गति वाले मार्ग में बदल रहा है, जहां योग्य उम्मीदवारों को केवल 12 मिनट में ही छांट लिया जाएगा।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि ई-कॉमर्स तथा अन्य स्टार्ट अप (नई कंपनियां) जैसे नए क्षेत्र की कंपनियों को नियुक्ति प्रक्रिया में कम समय लगे, मानव संसाधन प्रबंधकों ने इस नई नियुक्ति का तरीका तैयार किया है, जिसे स्नैपडील, ओला कैब्स, क्विकर, फूडपांडा, प्रैक्टो तथा डब्ल्यूएनएस जैसी कंपनियों से समर्थन मिला है।

'स्पीड हायरिंग' के तहत उम्मीदवारों के ज्ञान की परीक्षा केवल 12 मिनट में कर ली जाती है और योग्य उम्मीदवारों को 'नियुक्ति-पत्र' जारी कर दिया जाता है।

ग्लोबल हंट के प्रबंध निदेशक सुनील गोयल ने कहा, स्टार्ट-अप और नए दौर की कंपनियों में चीजें तेजी से बदलती हैं। हर पखवाड़े परिदृश्य बदलता है और इसीलिए निवेशकों को परिणाम दिखाना जरूरी होता है। ऐसे में नई नियुक्ति के लिए ज्यादा समय लगाना व्यवहारिक नहीं हो सकता।

अभ्यर्थियों के परीक्षण में तीव्रता के लिए को-क्यूब्स टेक्नोलॉजीज ने तीव्र ज्ञानात्मक क्षमता परीक्षण पद्धति (सीएएसटी) विकसित की है। इसमें 50 वस्तुनिष्ट प्रश्नों के आधार पर उम्मीदवारों के अंग्रेजी व्याकरण, अनुपात तथा प्रतिशत की गणना क्षमता तथा तर्क-वितर्क क्षमता का आकलन किया जाता है।

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को-क्यूब्स के सह-संस्थापक और सीईओ हरप्रीत सिंह ग्रोवर ने कहा, सीएएसटी निश्चित रूप से स्टार्ट-अप के बीच काफी लोकप्रिय हैं। अब डब्ल्यूएनएस तथा एलियांज कोर्नहिल भी इसका का उपयोग कर रही हैं।