NDTV Profit Conclave 2026: वैश्विक अनिश्चितताओं और बदलती अर्थव्यवस्था के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत के आर्थिक भविष्य को लेकर एक बड़ा विजन पेश किया है. NDTV प्रॉफिट कॉन्क्लेव 2026 में बोलते हुए उन्होंने कहा भारत का किया गया हर व्यापार समझौता एक्सपोर्टर्स का भरोसा बढ़ाता है. हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि बदलते हालातों को देखते हुए हमें लापरवाह नहीं होना चाहिए.
एक्सपोर्टर्स का बढ़ेगा जोश
वित्त मंत्री ने कहा कि हर नई ट्रेड डील न केवल व्यापार बढ़ाती है, बल्कि हमारे एक्सपोर्टर्स का हौसला भी बढ़ाती है. व्यापार समझौते सिर्फ टैक्स कम करने तक सीमित नहीं होते, बल्कि इससे भारतीय कंपनियों को स्थिरता, भरोसा और विदेशी बाजारों तक पहुंच मिलती है. भारत-यूएस ट्रेड डील के फ्रेमवर्क के बीच उनका यह बयान काफी अहम माना जा रहा है.
निजी क्षेत्र की भूमिका बेहद अहम
सीतारमण ने अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भरोसा तो जताया, लेकिन साथ ही आगाह भी किया. उन्होंने कहा, "हमें विकास दर को लेकर जमीन पर रहने की जरूरत है." साथ ही साफ कर दिया है कि सिर्फ सरकारी निवेश के दम पर लंबी रेस नहीं जीती जा सकती. वित्त मंत्री ने देश के प्राइवेट सेक्टर को विकास के पहिए में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए आमंत्रित किया.
भारत‑अमेरिका व्यापार समझौते से बड़ी उम्मीदें
इसी मंच से केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी कहा कि भारत-यूएस व्यापारिक ढांचा आने वाले 5-6 सालों में द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक ले जा सकता है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने की राह पर है.
वित्त मंत्री का संदेश साफ है: भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है, लेकिन वैश्विक उतार-चढ़ाव को देखते हुए हमें सतर्क और व्यावहारिक रहना होगा. हर छोटी-बड़ी डील भारत को विकसित भारत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.














