Stock Market Crash Today: बुधवार की शानदार तेजी के बाद आज यानी गुरुवार सुबह भारतीय शेयर बाजार खुलते ही खुलते ही औंधे मुंह गिर गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान युद्ध को लेकर दिए गए आक्रामक बयान ने निवेशकों के होश उड़ा दिए, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी खुलते ही धड़ाम हो गए . सेंसेक्स और निफ्टी 2% से ज्यादा टूट गए हैं, जिससे निवेशकों में हड़कंप है क्योंकि मिनटों में उनक करोडो़ं रुपये स्वाहा हो गए . बीएसई (BSE) सेंसेक्स 1,464 अंक (2.00%) की भारी गिरावट के साथ 71,669 के स्तर पर खुला, वहीं निफ्टी 50 भी 466 अंक (2.06%) टूटकर 22,213 पर आ गया.
दरअसल, ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगले 2-3 हफ्तों में अमेरिकी सेना ईरान पर बेहद कड़ा प्रहार करेगी. हालांकि उन्होंने जल्द ही मिशन पूरा होने की बात कही है, लेकिन युद्ध लंबा खिंचने और मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने की आशंका ने घरेलू बाजार में चौतरफा बिकवाली ला दी है, जिससे आज शेयर बाजार में कोहराम मचा हुआ हा.
आज की इस बड़ी गिरावट से ठीक एक दिन पहले यानी बुधवार को बाजार का मूड बिल्कुल अलग था. मिडिल ईस्ट युद्ध खत्म होने की उम्मीदों के बीच बीते दिन भारतीय बाजारों में बंपर तेजी देखी गई थी और दो दिनों की गिरावट पर ब्रेक लगा था. बुधवार को सेंसेक्स 1,186.77 अंक (1.65%) की छलांग लगाकर 73,134.32 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 50 348 अंक (1.56%) की मजबूती के साथ 22,679.40 के स्तर पर स्थिर हुआ था.
ट्रंप के भाषण ने भारतीय शेयर बाजार का सेंटिमेंट बिगड़ा
कल की हरियाली के बाद निवेशकों को उम्मीद थी कि आज बाजार नई ऊंचाइयों को छुएगा, लेकिन ट्रंप के ताजा भाषण ने भारतीय शेयर बाजार का सेंटिमेंट खराब कर दिया है. बाजार के जानकारों का कहना है कि ट्रंप ने युद्ध खत्म करने का कोई साफ रास्ता नहीं बताया, बल्कि अगले कुछ हफ्तों में और कड़े हमले करने की चेतावनी दी है, जिसने निवेशकों का मूड बिगाड़ दिया.
हर सेक्टर में 'हाहाकार', ये शेयर सबसे ज्यादा टूटे
आज बाजार का कोई भी कोना इस गिरावट से अछूता नहीं रहा. बैंकिंग, रियल्टी, ऑटो, मेटल और फार्मा जैसे सभी प्रमुख सेक्टर्स में बिकवाली देखी जा रही है.निफ्टी के शेयरों में सन फार्मा, इंडिगो, एशियन पेंट्स, श्रीराम फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो (L&T), एक्सिस बैंक और ट्रेंट जैसे दिग्गजों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है.ये आज के टॉप लूजर्स में शामिल रहे.
कच्चे तेल में उछाल ने बढ़ाई टेंशन
शेयर बाजार गिरने की एक बड़ी वजह कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आया जोरदार उछाल भी है. ट्रंप के भाषण के बाद ब्रेंट क्रूड 5.24% बढ़कर $106.47 प्रति बैरल पर पहुंच गया है. वहीं, अमेरिकी तेल (WTI) भी 4.5% चढ़कर $104 के पार है. तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसी अर्थव्यवस्था के लिए महंगाई का बड़ा खतरा पैदा करती हैं.
विदेशी निवेशकों (FIIs) ने फिर खींचे हाथ
शेयर बाजार में गिरावट का एक बड़ा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली भी है. बुधवार को FIIs ने भारतीय बाजार से 8,331 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर पैसा निकाल लिया. हालांकि, घरेलू निवेशकों (DIIs) ने 7,171 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा देने की कोशिश की, लेकिन ग्लोबल प्रेशर के आगे यह नाकाम साबित हुई.














