ऑस्कर विजेता संगीतकार एम एम कीरवानी ने एक बार फिर अपने टैलेंट से देश को गौरवान्वित किया है. उन्होंने 'वंदे मातरम्' गीत के 150 साल पूरे होने के मौके पर 26 जनवरी 2026 को होने वाली गणतंत्र दिवस परेड के लिए इसे रीक्रिएट किया है. संस्कृति मंत्रालय के तहत तैयार इस ग्रैंड परफॉर्मेंस में देश भर से 2500 कलाकार भाग लेंगे. कीरवानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी अनाउंसमें की, जिसमें उन्होंने इसे सम्मान और विशेषाधिकार बताया.
'आरआरआर' फिल्म के 'नाटू नाटू' गाने के लिए ऑस्कर जीतने वाले कीरवानी भारतीय संगीत जगत की एक प्रमुख हस्ती हैं. तेलुगु, हिंदी और दूसरी भाषाओं में सैकड़ों हिट गाने देने वाले इस संगीतकार का जन्म 4 जुलाई 1961 को आंध्र प्रदेश के कोवुर में हुआ था. उन्होंने 1991 में 'क्षत्रियम' फिल्म से डेब्यू किया और तब से 'बाहुबली', 'एनएनटीआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लिए संगीत दिया है. 2023 में 'नाटू नाटू' ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय ख्याति दिलाई, जो पहला भारतीय गाना था जिसने ऑस्कर में बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग कैटेगरी जीती.
प्रिय साथियों,
— mmkeeravaani (@mmkeeravaani) January 19, 2026
वंदे मातरम्!
गीत ‘वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ के शुभ अवसर पर, संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत 26 जनवरी गणतंत्र दिवस परेड के लिए संगीत रचना करने का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ है।
यह भव्य प्रस्तुति देशभर से आए 2500 कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की जाएगी।
इस ऐतिहासिक क्षण…
अब, राष्ट्रीय स्तर पर 'वंदे मातरम्' के लिए संगीत रचना उनके करियर का एक नया अध्याय है.'वंदे मातरम्' गीत की बात करें तो यह बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित है, जो 1876 में लिखा गया था. यह गीत उनके उपन्यास 'आनंदमठ' में शामिल था, जो 1882 में प्रकाशित हुआ. स्वतंत्रता संग्राम में इस गीत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इसे भारत का राष्ट्रीय गान माना जाता है, हालांकि आधिकारिक राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' है. 2026 में इसकी 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है, जो राष्ट्र की एकता और स्वतंत्रता की भावना को मजबूत करती है.
संस्कृति मंत्रालय ने इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है, जिसमें परेड का संगीत एक मुख्य आकर्षण होगा. कीरवानी ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, "प्रिय सभी, वंदे मातरम्! 'वंदे मातरम्' के प्रतिष्ठित गीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर, मुझे संस्कृति मंत्रालय के तहत 26 जनवरी गणतंत्र दिवस परेड के लिए संगीत रचने का गहरा सम्मान और विशेषाधिकार प्राप्त हुआ है. यह परफॉर्में देश भर से 2500 कलाकारों द्वारा की जाएगी. राष्ट्र की भावना का जश्न मनाने के लिए साथ रहें - वंदे मातरम्!"
इस पोस्ट को अब तक 63 लाइक्स, 11 रीपोस्ट और 847 व्यूज मिल चुके हैं. एक यूजर ने बधाई देते हुए लिखा, "बधाई हो और शुभकामनाएं सर." गणतंत्र दिवस परेड हर साल राजपथ (अब कर्तव्य पथ) पर आयोजित होती है, जहां सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय गौरव का प्रदर्शन होता है. इस वर्ष 'वंदे मातरम्' थीम पर केंद्रित परेड में कीरवानी का संगीत एक नई ऊर्जा जोड़ेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि यह रचना पारंपरिक और आधुनिक संगीत का मिश्रण होगी, जो युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम की याद दिलाएगी.
संस्कृति मंत्री ने इस पहल की तारीफ की है, कहते हुए कि यह राष्ट्रीय एकता को मजबूत करेगी. यह आयोजन न केवल संगीत प्रेमियों के लिए बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणादायक होगा. कीरवानी जैसे कलाकारों की बदौलत भारतीय संगीत वैश्विक पटल पर चमक रहा है. परेड में शामिल 2500 कलाकार विभिन्न राज्यों से चुने गए हैं, जो लोक नृत्य, संगीत और परंपराओं को पेश करेंगे. यह परफॉर्में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में होगी. ऐसे में, 26 जनवरी को सभी की नजरें इस भव्य परेड पर होंगी.
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