राजपाल यादव 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस केस में जेल से रिहा होकर अपने पैतृक गांव में हैं. वह यहां अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए आए हैं. वहीं जेल से रिहा होने के बाद राजपाल यादव ने एनडीटीवी को इंटरव्यू दिया है. इस दौरान कॉमेडियन ने अपनी जिंदगी के बारे में ढेर सारी बातें की हैं. लेकिन जेल से रिहा होने के बाद राजपाल यादव को एक बात का काफी दुख है, जिसे उन्होंने अब एनडीटीवी के साथ बयां किया है. राजपाल यादव इस समय अपने गांव में भतीजी की शादी में पूरी तरह मशगूल हैं. वह अपने परिवार के साथ समय गुजार रहे हैं.
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किस बात का है राजपाल यादव को दुख
दरअसल राजपाल यादव को इस बात का काफी दुख है कि जेल में जाने के वजह से वह अपनी भतीजी में अपने करीबी दोस्तों को नहीं बुला सके. राजपाल यादव ने कहा, 'अभी मेरे अंगूठे की स्याही भी नहीं छूटी है. मैं लोगों का धन्यवाद नहीं दे पाया, जिन लोगों को शादी में बुलाना था उन्हें बुला नहीं पाया.'
राजपाल यादव ने इसके साथ ही अपनी जिंदगी के संघर्ष पर भी बात की. उन्होंने आगे कहा, 'मैं एक टेलर था, और हमारी एक कंपनी है जो इंडियन आर्मी के लिए कपड़े सिलती है. मुझे बहुत गर्व है कि जिस भी तरह से मुमकिन हो, मैं अपने देश की सेवा कर पा रहा हूं.'
क्या है मामला
आपको बता दें कि राजपाल यादव की यह अंतरिम जमानत है जो 18 मार्च को खत्म हो जाएगी.यह मामला लगभग 9 करोड़ रुपये के कर्ज से जुड़ा है, जो 2010 में फिल्म 'अता पता लापता' के प्रोडक्शन के दौरान लिया गया था.
फिल्म फ्लॉप होने के बाद कर्ज चुकाने में असमर्थता के कारण उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा.5 फरवरी को सरेंडर करने के बाद राजपाल यादव को करीब 12 दिन जेल में गुजारने पड़े. इस दौरान उन्होंने जेल की जिंदगी को करीब से देखा और महसूस किया.
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