मुंबई में 15 जून से 19वें मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (एमआईएफएफ) का भव्य आगाज हो चुका है. 21 जून तक चलने वाला यह महोत्सव मुख्यधारा की फीचर फिल्मों से अलग डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिल्म, एनीमेशन और वाइल्डलाइफ फिल्मों को समर्पित है. ऐसे फिल्मकारों के लिए यह एक अहम मंच माना जाता है जो पारंपरिक मनोरंजन से हटकर समाज, संस्कृति, पर्यावरण और मानवीय मुद्दों पर कहानियां कहने की कोशिश करते हैं.
15 जून की शाम आयोजित उद्घाटन समारोह में फिल्म जगत और राजनीति जगत की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं. निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी, प्रसार भारती के अध्यक्ष और प्रसिद्ध गीतकार-लेखक प्रसून जोशी, अभिनेता जयदीप अहलावत और फिल्मकार आशुतोष गोवारीकर जैसे चर्चित चेहरे समारोह में नजर आए. वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आशीष शेलार भी कार्यक्रम का हिस्सा बने. दीप प्रज्ज्वलन के साथ महोत्सव का शुभारंभ हुआ, जिसके बाद विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया.
इस वर्ष महोत्सव में 46 देशों की कुल 346 फिल्मों का प्रदर्शन किया जा रहा है. इनमें 144 फिल्में प्रतियोगिता वर्ग और 202 फिल्में गैर-प्रतियोगिता वर्ग में शामिल हैं. आयोजकों के अनुसार इस बार दुनिया भर से 1,459 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं, जो इस महोत्सव की बढ़ती वैश्विक पहचान को दर्शाती हैं.
महोत्सव में कई विशेष खंड भी रखे गए हैं. इस बार “मराठी फिल्में” और “इकोज़ फ्रॉम नॉर्थ ईस्ट” नाम से दो नए खंड जोड़े गए हैं, जिनके जरिए क्षेत्रीय सिनेमा और स्थानीय कहानियों को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. वहीं प्रसिद्ध प्रकृतिविद और फिल्मकार डेविड एटनबरो को उनकी जन्मशती के अवसर पर विशेष श्रद्धांजलि दी जा रही है, जिसके तहत उनकी दो फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जाएगा.
एमआईएफएफ में केवल फिल्मों का प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि फिल्म निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा भी होगी. कहानी लेखन, निर्देशन, अभिनय और सिनेमैटोग्राफी जैसे विषयों पर 10 मास्टर क्लास आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें अनुभवी फिल्मकार अपने अनुभव साझा करेंगे.
इस वर्ष का एक बड़ा आकर्षण एआई सिनेमा हैकाथॉन है. “मुंबई थ्रू अ थाउजेंड आइज़” नाम की 48 घंटे की इस चुनौती में प्रतिभागी एआई की मदद से नई कहानियां और फिल्में तैयार करेंगे. इसके अलावा डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माण और वितरण को बढ़ावा देने के लिए “डॉक बाज़ार” का भी आयोजन किया गया है, जहां फिल्मकारों को ओटीटी मंचों और प्रसारण संस्थानों के प्रतिनिधियों से मिलने का अवसर मिलेगा.
महोत्सव में कुल 18 पुरस्कार दिए जाएंगे, जिनकी कुल पुरस्कार राशि 45 लाख रुपये है. विद्यार्थियों का पंजीकरण निःशुल्क रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक युवा इस आयोजन का हिस्सा बन सकें. ऐसे में एमआईएफएफ 2026 एक बार फिर दुनिया भर के डॉक्यूमेंट्री और गैर-फीचर सिनेमा को एक मंच पर लाने में सफल होता दिखाई दे रहा है.
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