
बहुत लोग नहीं जानते कि सैफ अली खान का ताल्लुक एक शाही खानदान से है, और उनकी परदादी बेगम सुल्तान जहां सिर्फ एक रॉयल फिगर ही नहीं थीं, बल्कि एक प्रोग्रेसिव सोच रखने वाली शासक भी थीं. वो भोपाल स्टेट की आखिरी महिला शासक थीं और उन्होंने उस दौर में कई ऐसे काम किए जो उस वक्त बहुत आगे की सोच माने जाते थे. बेगम सुल्तान जहां का समय 1901 से 1926 तक का था, और इतने सालों में उन्होंने भोपाल की तस्वीर बदलने की पूरी कोशिश की. उन्होंने हेल्थ, एजुकेशन और वुमन एम्पावरमेंट पर ज़ोर दिया. वो खुद एक पढ़ी-लिखी महिला थीं और चाहती थीं कि बाकी लड़कियों को भी पढ़ाई का पूरा मौका मिले.
शाही था अंदाज
सबसे दिलचस्प बात ये है कि उनके पास तीन-तीन Rolls Royce कारें थीं, वो भी तब जब आम लोग साइकिल से भी मुश्किल से चलते थे. ये सिर्फ रॉयल्टी दिखाने के लिए नहीं था, बल्कि वो खुद बहुत स्टाइलिश और एडवांस थीं. उस दौर में एक महिला का इस तरह पावर में होना और खुले सोच के साथ शासन करना, अपने आप में बड़ी बात थी. उन्होंने भोपाल में कई स्कूल और अस्पताल बनवाए. पब्लिक हेल्थ पर उनका फोकस इतना था कि उन्होंने लोगों को साफ पानी और अच्छी सफाई व्यवस्था दिलाने के लिए खुद प्लानिंग की. मुस्लिम महिलाओं की पढ़ाई और मेडिकल एजुकेशन पर भी उन्होंने काफी ध्यान दिया.

बेगम सुल्तान जहां का अंदाज और सोच आज भी इंस्पिरेशन देती है. उन्होंने ना सिर्फ रियासत चलाई, बल्कि समाज को आगे ले जाने की कोशिश भी की. सैफ अली खान की फैमिली हिस्ट्री में उनका नाम एक मजबूत और समझदार महिला के तौर पर लिखा जाता है. आज जब हम उनके बारे में पढ़ते हैं, तो समझ आता है कि रॉयल्टी सिर्फ गहनों और गाड़ियों में नहीं होती, असली शाहीपन तो सोच और काम में होता है.
सैफ अली खान से रिश्ता
बता दें कि बेगम सुल्तान जहां बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान की परदादी थीं. नवाब बेगम के इकलौते बेटे हमीदुल्ला खान की बेटी साजिदा सुल्तान की शादी पटौदी के नवाब इफ्तिखार अली खान से हुई थी, जो मंसूर अली खान पटौदी के पिता और सैफ अली खान के दादा थे.
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