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गीतकार समीर अंजान बोले- नई पीढ़ी को लगता है कि पुराने लोग अब अच्छा काम नहीं कर सकते

मशहूर गीतकार समीर अंजान ने संगीत की दुनिया में एक नई शुरुआत की है. समीर अब अपने नए म्यूज़िक प्लेटफॉर्म ‘औमोरा’ (Aumora) के साथ सामने आए हैं.

गीतकार समीर अंजान बोले- नई पीढ़ी को लगता है कि पुराने लोग अब अच्छा काम नहीं कर सकते
गीतकार समीर अंजान बोले- नई पीढ़ी को लगता है कि पुराने लोग अब अच्छा काम नहीं कर सकते

मशहूर गीतकार समीर अंजान ने संगीत की दुनिया में एक नई शुरुआत की है. समीर अब अपने नए म्यूज़िक प्लेटफॉर्म ‘औमोरा' (Aumora) के साथ सामने आए हैं, जिसके जरिए वह एक बार फिर मेलोडियस संगीत को दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे. औमोरा एक ऐसा म्यूज़िक लेबल है जहां समीर न सिर्फ नई पीढ़ी के संगीतकारों को मेंटर करेंगे, बल्कि अपने शब्दों के जादू से भी इस मंच पर एक नई पहचान बनाएंगे.

इस म्यूज़िक लेबल लॉन्च के दौरान फिल्म जगत से समीर के कई पुराने दोस्त भी मौजूद रहे. इनमें गायक सुखविंदर सिंह, कुणाल गंजावाला, ममता शर्मा और मशहूर संगीतकार जोड़ी साजिद-वाजिद के साजिद शामिल थे. लॉन्च के दौरान संगीत की दुनिया में बदलते समीकरण और इस प्लेटफॉर्म से जुड़ने की वजह बताते हुए समीर अंजान ने कहा, “मैंने पहले ही कहा कि सोचने के पीछे वजह ये थी कि फिल्में बहुत कम बन रही हैं और कुछ म्यूजिकल माहौल नहीं अच्छा दिख रहा है और हम तमाम लोग जो आज भी बहुत अच्छा काम करना चाहते हैं उनको राइट प्लेटफॉर्म नहीं मिल रहा है, राइट फिल्में नहीं मिल रही हैं. 

तो कहीं न कहीं क्रिएटिव किलिंग हो रही थी तो मुझे लगा कि इसको एक ऐसा प्लेटफॉर्म होना चाहिए जहा पर हमको क्रिएटिव फ्रीडम मिले कि आप वो करें जो आप करना चाहते हैं. आपके सामने कोई बंदिश नहीं हो, आपके सामने कोई रुकावट नहीं हो और देखिए मेरा ऐसा मानना है कि क्रिएटर जितना पुराना होता है उतना बेहतर काम कर सकता है. मगर हमारे यहां की सोच उल्टी है, अभी जो प्रेजेंट जनरेशन है उनका ऐसा है कि जो पुराने लोग हैं अब उनसे अच्छा काम नहीं हो सकता, अब कुछ नया नहीं कर सकते. तो ये तमाम जो उनके दिमाग में वहम था उसको तोड़ने के लिए मैंने सोचा कि काम तो करना है. हमने जैसा कहा कि हम तो जब तक साँस चलेगी गाने ही लिखना है, हम और कुछ काम जानते नहीं. तो हमने कहा कि एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया जाए जहाँ पर हम अपनी बात अपनी तरह से कह सकें.”

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समीर अंजान का कहना है कि आज भी इंडस्ट्री में कई ऐसे कलाकार हैं जो बेहतरीन काम करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सही मंच और सही मौके नहीं मिल पा रहे. इसी वजह से उन्होंने ‘औमोरा' जैसा प्लेटफॉर्म तैयार किया है ताकि कलाकारों को क्रिएटिव आज़ादी मिल सके और वे अपने तरीके से काम कर सकें. समीर ने कहा कि अक्सर नई पीढ़ी को यह लगता है कि पुराने लोग अब नया या बेहतर काम नहीं कर सकते, लेकिन वह इस सोच को बदलना चाहते हैं. उनका मानना है कि एक क्रिएटर जितना अनुभवी होता है, उसका काम उतना ही बेहतर होता है.

औमोरा के साथ पॉडकास्ट प्लेटफॉर्म भी लॉन्च

इस कंपनी के तहत एक और प्लेटफॉर्म भी तैयार किया गया है, जिसमें समीर अंजान पॉडकास्ट होस्ट करते नजर आएंगे. इस पॉडकास्ट में संगीत की दुनिया के बड़े-बड़े नाम समीर के साथ बातचीत करेंगे और दर्शकों को मशहूर गीतों के पीछे की अनसुनी और दिलचस्प कहानियां सुनाएंगे.

समीर अंजान ने अपने करियर में 400 से ज्यादा गीत लिखे हैं और उनके कई गाने आज भी लोगों की जुबान पर हैं. वहीं उनके पिता अंजान भी करीब 40 साल तक फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय रहे और अपने गीतों से उन्होंने एक अलग पहचान बनाई. ऐसे में समीर के पास न सिर्फ चार दशकों बल्कि कई दशकों के संगीत सफर से जुड़े अनगिनत किस्से और यादें हैं, जिन्हें अब वह अपने पॉडकास्ट के जरिए दर्शकों तक पहुंचाएंगे. ‘औमोरा' के जरिए समीर अंजान का मकसद यही है कि संगीत की दुनिया में एक बार फिर सुरों और शब्दों की मिठास लौटे और दर्शकों को ऐसा संगीत मिले जो सीधे दिल को छू जाए.

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