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Exclusive: 'मुझे वेपन ट्रेनिंग भी लेनी पड़ी, जो बहुत जरूरी थी'- धुरंधर 2 के लिए इस एक्टर ने खुद के ऐसे किया तैयार

आदित्य उप्पल ने धुरंधर 2 में एएसपी उमर हैदर का रोल किया है. जिसका अहम रोल फिल्म की आखिरी सीन्स में दिखता है. आदित्य उप्पल धुरंधर 2 को लेकर एनडीटीवी से खास बातचीत की और फिल्म से जुड़े अपने अनुभव शेयर किए.

Exclusive: 'मुझे वेपन ट्रेनिंग भी लेनी पड़ी, जो बहुत जरूरी थी'- धुरंधर 2 के लिए इस एक्टर ने खुद के ऐसे किया तैयार
धुरंधर 2 के लिए इस एक्टर ने खुद के ऐसे किया तैयार

धुरंधर 2 इन दिनों सुर्खियों में हैं. इस फिल्म मे दुनियाभर में 1400 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर रही है. रणवीर सिंह की इस फिल्म ने कई कलाकारों को काफी एक्सपोजर दिया है. उन्हीं में से एक एक्टर आदित्य उप्पल है. आदित्य उप्पल ने धुरंधर 2 में एएसपी उमर हैदर का रोल किया है. जिसका अहम रोल फिल्म की आखिरी सीन्स में दिखता है. आदित्य उप्पल धुरंधर 2 को लेकर एनडीटीवी से खास बातचीत की और फिल्म से जुड़े अपने अनुभव शेयर किए.

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सवाल: धुरंधर 2 में एएसपी उमर हैदर के रोल के साथ आपके लिए ये फिल्म ब्रेकथ्रू साबित हुई. इस रोल तक पहुंचने की कहानी शेयर करें? हमें पता चला है कि आपको आखिरी वक्त में कास्ट किया गया था, इस बारे में और बताइए.

जवाब: धुरंधर फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनना अपने आप में अद्भुत अहसास है. ऐसी फिल्में कई सालों में एक बार आती हैं. ये मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण पल है और मैं भगवान का शुक्रगुजार हूँ. मुझे ये मौका, पहचान और एक ऐसा किरदार मिला जिसे लोग याद रखेंगे और प्यार करेंगे. ये सच में बहुत सुंदर एहसास है.

सवाल: स्क्रिप्ट पढ़ते समय उमर हैदर के किरदार में आपको सबसे ज्यादा क्या आकर्षित किया?

जवाब: उमर हैदर के किरदार में मुझे सबसे ज्यादा यही पसंद आया कि इसका पूरा ग्राफ है. इसमें इतनी सारी बारीकियों और इमोशंस हैं. वो शुरू में चुप और तेजनजर वाला रहता है, फिर शक्की हो जाता है, फिर जांच करता है और आखिर में आक्रामक हो जाता है. एक एक्टर के तौर पर आप इससे बेहतर रोल की उम्मीद नहीं कर सकते—एक ऐसा रोल जो आपको इतने सारे लेयर्स दिखाने का मौका दे और इतने पावरफुल नोट पर खत्म हो. वो सुवक्ता, शिक्षित और एक शानदार अधिकारी हैं, जो बाकियों से अलग खड़े होते हैं और बुद्धिमानी से सिचुएशन्स को डीकोड करते हैं.

सवाल: धुरंधर फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनना कैसा लगा? पहली फिल्म में आपके रोल और दूसरे में क्या अंतर था?

जवाब: ईमानदारी से कहूं तो इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनना मेरे लिए बहुत बड़ी बात है. ये अभी न सिर्फ हमारे देश बल्कि ग्लोबली सबसे बड़ी फिल्मों में से एक है. इतनी बड़ी चीज का हिस्सा महसूस करना सच में खास है.

सवाल: उमर हैदर एक रियल-लाइफ अधिकारी से प्रेरित है. इस रोल की तैयारी के लिए आपने कैसी रिसर्च की?

जवाब: इस रोल के लिए मुझे काफी रिसर्च करनी पड़ी. मैंने यूट्यूब पर बहुत सारा कंटेंट देखा और डायरेक्शन टीम से भी मैटेरियल इकट्ठा किया. एक एक्टर के तौर पर आप अपनी तरीके से तैयारी करते हैं, आप किरदार के जितना करीब पहुंच सकते हैं, सिर्फ मैनरिज्म या डायलेक्ट में नहीं बल्कि इमोशनली भी, उन पलों को जीकर. वो बहुत जरूरी था.

सवाल: आपने बताया कि पार्ट 2 की शूटिंग पार्ट 1 से पहले हुई थी. पूरी कहानी जाने बिना इतने इंटेंस किरदार को निभाना कितना चुनौतीपूर्ण था?

जवाब: हां, मैंने असल में पार्ट 2 पहले शूट किया था. उस वक्त फिल्म को पार्ट्स में नहीं बांटा गया था, इसलिए मुझे क्रोनोलॉजी का कोई आइडिया नहीं था. ये चुनौतीपूर्ण था क्योंकि किरदार की पूरी जर्नी न जानने पर समझना मुश्किल होता है कि वो कहां से आ रहा है और कहां जा रहा है. लेकिन मुझे लगता है कि सभी एक्टर्स ने हर सीन को समझकर और सेट पर ही बैकग्राउंड बनाकर इसे अच्छे से हैंडल किया.

सवाल: उमर हैदर के ट्रांसफॉर्मेशन और वफादारी को दिखाने के लिए आपने एक्टर के तौर पर क्या खास तैयारी की?

जवाब: उमर हैदर के ट्रांसफॉर्मेशन के लिए मुझे अपना लुक बदलना पड़ा, एक खास हेयरकट और क्लीन शेव. मानसिक रूप से मुझे ये समझने में समय लगा कि ड्यूटी पर एक अधिकारी कैसे सोचता है. मुझे वेपन ट्रेनिंग भी लेनी पड़ी, जो बहुत जरूरी थी. मैंने अलग-अलग गन्स के बारे में सीखा, उन्हें कैसे होल्ड करना है, लोड करना है और इंटेरोगेशन कैसे करना है. एक अधिकारी का बर्ताव क्रिमिनल से बहुत अलग होता है. चलने का तरीका, गन पकड़ने का तरीका, किसी को गिरफ्तार करना या हैंडकफ लगाना. इसकी प्रॉपर ट्रेनिंग मुझे आदित्य दत्त सर से मिली.

सवाल: रणवीर सिंह के साथ वाला टॉर्चर सीन बेहद इंटेंस थी. उन्होंने आपको बताया था “Hit me hard”—उस पल आपके मन में क्या चल रहा था?

जवाब: रणबीर भाई ने भी उस टॉर्चर सीन में मुझे बहुत मदद की. उन्होंने मुझे फुल इंटेंसिटी से परफॉर्म करने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि सीन की गंभीरता सामने आए. उन्होंने शॉट से पहले साथ रिहर्सल करने का भी सुझाव दिया, जिससे मुझे कॉन्फिडेंस मिला. फिर भी इसे सही करने में कुछ टैक्स लगे, क्योंकि हिट करने और परफॉर्म करने का एक खास तरीका था.

सवाल: रणवीर सिंह की एनर्जी और परफॉर्मेंस के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे?

जवाब: रणवीर भाई एक पावर हाउस परफॉर्मर हैं. मुझे लगता है कि वो आज भारत के सबसे बेहतरीन एक्टर्स में से एक हैं, जो हर तरह के किरदार को शानदार तरीके से निभा सकते हैं. एक तरफ सिम्बा है तो दूसरी तरफ धुरंधर. इन दोनों के बीच का रेंज कमाल का है. उन जैसा कोई नहीं है, उनमें बहुत ग्रेविटी है. वो सेट पर बहुत सपोर्टिव और प्यार करने वाले हैं और हर किसी के साथ सम्मान से पेश आते हैं. वो एक आर्टिस्ट को आर्टिस्ट के तौर पर देखते हैं, चाहे वो कहीं से भी आए या जो भी कर रहा हो. यही उनकी सबसे बड़ी खूबी है.

सवाल: संजय दत्त के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? कोई यादगार घटना?

जवाब: संजय दत्त सर के साथ काम करना एक अद्भुत अनुभव था. अगर आपको उनसे काम करने का मौका मिले तो आप खुद को बहुत लकी मान सकते हैं. वो बेहद सपोर्टिव हैं और सेट पर माहौल हल्का रखते हैं. वो हर किसी के साथ गर्मजोशी से पेश आते हैं, इसलिए आप न सिर्फ स्क्रीन पर अच्छा परफॉर्म करते हैं बल्कि ऑफ स्क्रीन भी वहाँ रहना एंजॉय करते हैं.

सवाल: रियल-लाइफ उमर हैदर ने आपका इंस्टाग्राम प्रोफाइल देखा. इससे आपको कैसा महसूस हुआ?

जवाब: हाँ, इंस्टाग्राम पर बहुत से लोगों ने रियल उमर हैदर को टैग किया है. ईमानदारी से कहूँ तो मुझे बस यही लगा कि अगर वो बिना किसी पक्षपात के फिल्म देखेंगे तो उन्हें पसंद आएगी और वो सराहना करेंगे. मैंने उनके किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाने की कोशिश की है और उम्मीद करता हूँ कि उन्हें एंजॉय करेगी. मेरा सिर्फ यही प्रयास था कि जब वो देखें तो काम पसंद आए और उन्हें लगे कि वो भी इस फिल्म का हिस्सा हैं.

सवाल: पाकिस्तानी ऑडियंस से क्या रिएक्शन्स मिले? फिल्म को प्रोपगैंडा कहे जाने पर आप क्या जवाब देते हैं?

जवाब: ईमानदारी से कहूँ तो पाकिस्तानी ऑडियंस की रिएक्शन्स मिक्स्ड रही हैं. कुछ लोगों ने काम की तारीफ की, कहा कि मैंने अच्छा किया और विषय को अच्छे से पेश किया. लेकिन ज्यादातर लोग नाराज हैं. कुछ ने तो कड़ी बातें भी कहीं और फिल्म को गलत बताया. लेकिन ऐसा कुछ नहीं है. ये एक नेचुरल फेनोमेना है, जब आप किसी देश की हकीकत दिखाते हो तो कोई भी अपने देश को नेगेटिव तरीके से पेश होते नहीं देखना चाहता. मेरा प्रयास स्क्रिप्ट के प्रति सच्चा रहना था. मेरे किरदार से आगे की चीजों पर कमेंट करना मेरे लिए सही प्लेटफॉर्म नहीं है, ये मेरे पे-ग्रेड से ऊपर है. डायरेक्टर और मेकर्स इन चीजों का बेहतर जवाब दे सकते हैं.

सवाल: फिल्म रिलीज के बाद आपको धमकियाँ मिलीं, ऐसा बताया गया. इससे आपने कैसा महसूस किया?

जवाब: ऐसी रिएक्शन्स इन तरह की फिल्मों के इर्द-गिर्द होने वाली बड़ी चर्चा का हिस्सा हैं. एक एक्टर के तौर पर मेरी जिम्मेदारी मेरे परफॉर्मेंस और रोल के प्रति ईमानदारी तक सीमित है.

सवाल: धुरंधर 2 आपके करियर के लिए लॉन्च पैड साबित हुआ है. अगली फिल्मों का चुनाव करते समय आप क्या ध्यान में रख रहे हैं?

जवाब: मेरी आगामी फिल्में अभी डिस्कशन में हैं. मैं कुछ प्रोड्यूसर्स से बात कर रहा हूँ और कुछ स्क्रिप्ट्स पढ़ रहा हूँ, लेकिन अभी कुछ फाइनल नहीं हुआ है. मेरा प्रयास अच्छे, चुनौतीपूर्ण रोल्स चुनने का रहेगा जो मुझे अपने ऑडियंस को सरप्राइज देने और एंटरटेन करने का मौका दें, क्योंकि धुरंधर के बाद अगला प्रोजेक्ट बहुत महत्वपूर्ण होगा.
 

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